प्रधानमंत्री मोदी का फोन बताता है कि कितने अहम हैं चंद्रबाबू नायडू

March 9, 2018, 12:47 PMYug Jagran
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युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

चंद्रबाबू नायडू दक्षिण भारत की राजनीति में अहम स्थान रखते हैं। खासकर अभी कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होना है। केरल में राजनीतिक घमासान चल रहा है और अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित है। मौजूदा राजनीतिक हालात में चंद्रबाबू नायडू की अहमियत बताने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उन्हें किया गया फोन ही काफी है। सूत्र बताते हैं कि एनडीए में साथ रहने के सारे रास्ते बंद होता देखकर प्रधानमंत्री ने उन्हें मनाने के लिए फोन किया।प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात की। हालांकि बात नहीं बनी। इसके बाद टीडीपी कोटे के दोनों मंत्री प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इससे पहले राहुल गांधी ने जंतर मंतर पर जाकर आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का समर्थन किया था। राहुल गांधी के वहां जाने के बाद भाजपा के नेताओं के कान खड़े हो गए थे।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आंध्र प्रदेश के साथ अन्याय को स्वीकारते हुए वादा किया कि 2019 में यदि कांग्रेस की सरकार सत्ता में आएगी तो इस मांग को पूरा करेगी। कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री द्वारा फोन किए जाने के पीछे इस कारण को भी अहम मान रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह केन्द्र सरकार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के बीच में चल रही है नूरा कुश्ती है।

बुधवार 7 मार्च से बढ़ी सरगर्मी

बुधवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आंध्र प्रदेश सरकार और टीडीपी के सांसदों की राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग पर विचार करके निर्णय लिया था। निर्णय में अरुण जेटली ने विशेष दर्जा जैसी स्थिति से बचते हुए विशेष पैकेज देने की घोषणा की लेकिन टीडीपी के प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इतने भर से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने बुधवार सात मार्च को एनडीए से हटने का संकेत देते हुए केन्द्र सरकार से अपने मंत्रियों को इस्तीफा देने की घोषणा की।

सूत्र बताते हैं कि नायडू को मनाने के लिए प्रधानमंत्री ने खुद उनसे फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच में करीब 20 मिनट तक फोन पर चर्चा हुई और इसके बाद गुरुवार 8 मार्च को टीडीपी के दोनों मंत्रियों (अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी) ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।

हालांकि टीडीपी कोटे से कैबिनेट मंत्री अशोक गजपति राजू ने साफ किया कि यह केन्द्र सरकार के केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा है। अभी उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा है। राजू के अनुसार ताजा स्थिति का हल निकालने की भी कोशिश हो रही है। अभी उनकी पार्टी एनडीए से अलग नहीं हुई है। अभी सौहार्दपूर्ण रिश्ते हैं।

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