कांग्रेस में चाचा की एंट्री पर भतीजा ही बना रोड़ा राहुल को अभी भी साथ पसंद है

February 23, 2018, 12:47 PMYug Jagran
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युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव की कांग्रेस में आने की इच्छा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। समाजवादी पार्टी की तरह ही भतीजा अखिलेश यादव यहां भी चाचा की राह में रोड़ा बन रहा है। कांग्रेस कतई नहीं चाहती है कि शिवपाल यादव को शामिल करके समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से बने बनाए रिश्ते टूटें। यूपी के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने भी शिवपाल के कांग्रेस में शामिल होने पर फिलहाल विराम लगाते हुए कहा कि अभी जो शामिल हुए हैं बस वहीं हैं।
शिवपाल के आने पर गुलाम नबी ने कहा- अभी जो है वही है
दरअसल कांग्रेस विपक्षी दलों को जोड़े रखने और भाजपा के खिलाफ एक मोर्चा खड़ा करना चाहती है। उपचुनाव में अलग-अलग उम्मीदवार उतारने के बाद भी यूपी में कांग्रेस को सपा का साथ अभी भी पसंद है। राहुल गांधी और बहन प्रियंका वाड्रा यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान व्यक्तिगत तौर पर अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव के करीब आए थे। जिसके चलते गठबंधन पर बात बनी।
कांग्रेस को फिलहाल अखिलेश का साथ पंसद है
राहुल गांधी अखिलेश यादव के साथ भविष्य की राजनीति का तानाबाना बुनना चाहते हैं ऐसे में शिवपाल को पार्टी में लाकर बात बिगाड़ने का जोखिम नहीं उठाना चाहेंगे। शिवपाल के आने से कांग्रेस को उन्हीं इलाकों में लाभ होगा जो समाजवादी पार्टी के गढ़ और परंपरागत मतदाता हैं। शिवपाल के समर्थकों के साथ आने पर सीधा असर समाजवादी पार्टी पर पड़ेगा। वहीं देश के अन्य विपक्षी दलों में इसका खराब मैसेज भी जाएगा। बसपा के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को कांग्रेस में शामिल करने का एक कारण ये भी है बसपा उन्हें दस महीने पहले निकाल चुकी है और उन्हें अब मायावती को लेकर कोई परहेज नहीं है। कांग्रेस को इस बात की चिंता सर्वाधिक है कि शिवपाल यादव के पार्टी में आने पर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी के तौर राज्य का अध्यक्ष बनाना होगा। उनके कमान संभालते ही कांग्रेस भाजपा के खिलाफ राज्य में जो संयुक्त लड़ाई लड़ना चाहती है कमजोर होगी। वहीं शिवपाल के निशाने पर भाजपा से अधिक समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव होंगे। जो बड़े उद्देश्य के लिए एक साथ जोड़ने की कोशिशें भी समाप्त करेगा। गुलाम नबी कहते हैं कि बदलते हालात में दूसरी पार्टियों के नेताओं का कांग्रेस में आना दर्शाता है कि लोग राहुल गांधी के नेतृत्व में काम करना चाहते हैं। नेताओं के आने की संख्या नहीं थमेगी और कांग्रेस देश की मजबूत पार्टी बनकर उभरेगी लेकिन शिवपाल यादव की एंट्री पर फिलहाल यही कहते हैं कि अभी जो शामिल हुए हैं बस वही हैं।

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