खुले मन से विश्वास जीतने पीएम मोदी जा रहे हैं नेपाल इन मुद्दों पर बन सकती है बात

May 9, 2018, 12:02 PMYug Jagran
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युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

विदेश सचिव विजय गोखले काफी उत्साहित हैं। कूटनीति में पारंगत गोखले को भारत-नेपाल रिश्ता लगातार विश्वसनीय बने रहने की उम्मीद है। इसी विश्वास को जमीनी आधार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11-12 मई को नेपाल जा रहे हैं। इस बार नेपाल जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोचक रास्ते को चुना है। वह नई दिल्ली से पटना जाएंगे। फिर पटना से जनकपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद दो दिन के दौरे में प्रधानमंत्री मोदी का नागरिक अभिनंदन होगा और भारत-नेपाल में संपर्क (कनेक्टिविटी) को नया आयाम देंगे।
सीता माता के दर्शन करेंगे
जनकपुर पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली खुद वहां आएंगे। जनकपुर नेपाल का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। ऐसी मान्यता है कि रामायण काल का जनकपुर यही है। यहीं राम और सीता का विवाह हुआ था। जनकपुर में सीता माता का प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर है। प्रधानमंत्री मोदी यहां 2014 में ही आने के इच्छुक थे। 11 मई को जनकपुर पहुंचने के बाद वह माता सीता के मंदिर का दर्शन करेंगे। वहां प्रधानमंत्री का बारहबीघा मैदान में नागरिक अभिनंदन होगा। मोदी को वहां सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान बारबीघा मैदान में भारी भीड़ उमड़ने के आसार हैं। जनकपुर से प्रधानमंत्री मुस्तांग और इसके बाद 11 मई को ही वह काठमांडू जाएंगे। काठमांडू में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तरीय चर्चा होगी। दोनों देशों के प्रधानमंत्री इसकी अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद 12 मई को प्रधानमंत्री मोदी मुक्तिनाथ धाम में होंगे। जहां वह मुक्तिनाथ का दर्शन करेंगे। वहीं मुक्तिनाथ में भी प्रधानमंत्री का नागरिक अभिनंदन होगा।
कनेक्टिविटी पर रहेगा जोर
इससे पहले प्रधानमंत्री 11 मई को अपनी यात्रा के दौरान नेपाल से रिश्तों का विश्वास जीतेंगे। उनकी मुलाकात नेपाल के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों से होगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकुमार दहल प्रचंड से भी मिलेंगे। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान उनकी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और उनके समकक्ष ओली आपसी चर्चा में द्विपक्षीय क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चर्चा के केन्द्र में दोनों देशों के बीच संपर्क का विस्तार प्रमुखता से रहेगा। अप्रैल 2018 में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत आए थे। प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही महीने बाद भूटान के बाद प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2014 में नेपाल गए थे। इसके बाद वह 2015 में भी नेपाल गए थे। इस तरह से यह प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा होगी। इस यात्रा के पहले ही भारत बिहार के रक्सौल से नेपाल के काठमांडू तक रेल नेटवर्क स्थापित करने की घोषणा कर चुका है। बिहार के बालूघाट से नेपाल तक जलमार्ग विकसित किए जाने की भी योजना है। विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि इस पर विस्तृत सहमति बनने के आसार हैं। रक्सौल से काठमांडू रेल नेटवर्क को लेकर दोनों देशों के बीच में पर्यवेक्षकों की संयुक्त टीम बनाने जमीनी विश्लेषण करके परियोजना के बाबत साल के अंत तक रिपोर्ट देने पर सहमति बन सकती है। ताकि रेल नेटवर्क के काम को यथा शीघ्र मूर्त रूप दिया जा सके। इसी तरह से नेपाल के साथ जैविक खेती और ऑर्गेनिक खेती की पहल भी की जाएगी। जल विद्युत परियोजना ट्रेड एंड ट्रांजिट ट्रीटी समेत अन्य मुद्दों पर भी चर्चा संभावित है।

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