सवेरे जगा कर नींद से अपने हाथो नाश्ता खिलाया

September 14, 2017, 10:47 AMYug Jagran
image

सवेरे जगा कर नींद से
अपने हाथो नाश्ता खिलाया होगा
छोड़ स्कूल के दरवाजे पिता ने
प्यार  से  हाथ  हिलाया होगा

बेटा मेरा मेहफूज है वहां
माँ ने दिल को समझाया होगा
क्या बीती होगी उस माँ पर
जब फ़ोन स्कूल से आया होगा

भागते हूए स्कूल की तरफ
एक एक कदम ढ़गमागया होगा
क्या गुजरा होगा दिल पर पिता के
इस हाल में जब उसे पाया होगा

उस जानवर ने जब उसे दबोचा होगा
वो कितना छटपटाया होगा
नाम  उसकी  जबान पर
माँ  बाप का आया  होगा

उस मासूम को यू बेरहमी से मारते
क्या एक पल भी  ना वो थरथराया होगा
कैसे ज़ियेंगे माँ बाप उसके
ये ख्याल भी ना दिल में आया होगा

बिखर गए होंगे वो बदकिसमत माँ बाप
जब उसे आखिरी बार सीने से लगाया होगा
लौटेगा नहीं कभी वापिस वो
कैसे खुद को समझाया होगा

अपनी प्रतिक्रिया दें

महत्वपूर्ण सूचना

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Related Posts you may like

mison 2017

आपका शहर

विज्ञापन

Like us on Facebook

विज्ञापन

mison 2017