जेल में पिटाई किए जाने का इंद्राणी मुखर्जी का दावा सही: डॉक्टर

June 29, 2017, 02:21 PMYug Jagran
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मुंबई। शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी के भायखला जेल अधिकारियों द्वारा पिटाई किए जाने के आरोप सच है। सरकारी जेजे अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने आज इसकी पुष्टि की। इंद्राणी और अन्य कैदियों पर महिलाओं की जेल में दंगा करने का मामला दर्ज किया गया है। इंद्राणी ने दो दिन पहले आरोप लगाया था कि उसे जेल में एक दोषी की मौत को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद जेल अधिकारियों ने पीटा और यौन शोषण करने की धमकी दी।
पूर्व मीडिया कार्यकारी के वकील ने बाद में यहां सीबीआई अदालत में एक अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि जेल अधिकारियों और अधीक्षक ने इंद्राणी से गाली गलौज की और जेल में मौत के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यौन शोषण करने की धमकी दी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश जेसी जगदले ने बुधवार को कहा था कि इंद्राणी को पहले चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जाए और बाद में उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने ले जाया जाए। जेजे अस्पताल में इंद्राणी की चिकित्सीय जांच की गई। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा इंद्राणी को कुछ गुम चोटें और अन्य चोटें भी आयी हैं। हमारी जांच के अनुसार पिटाई किए जाने के उनके दावे सही लग रहे हैं। अधिकारी ने कहा इंद्राणी की चिकित्सा रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाएगी क्योंकि अदालत ने चिकित्सा जांच के आदेश दिए थे। पुलिस के अनुसार 23 जून को महिला दोषी मंजू गोविंद शेट्टे की मौत से गुस्साई कैदियों ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किए। उनमें से कुछ जेल की छत पर चली गईं जबकि कुछ अन्यों ने अपना गुस्सा जताने के लिए परिसर के भीतर अखबारों और दस्तावेजों में आग लगा दी।
 
बाद में नागपाडा पुलिस ने इंद्राणी समेत भायखला जेल की करीब 200 कैदियों पर दंगा करने गैरकानूनी ढंग से एकत्रित होने सरकारी सेवक पर हमला करने और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए। इंद्राणी ने यह भी बताया कि उसने महिला कैदी को कथित तौर पर पीटे जाते हुए देखा था। उसने कहा कि जब उसने शेट्टे की मौत से पहले उसकी हालत के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि वह ठीक है। हालांकि बाद में इंद्राणी को पता चला कि शेट्टे की मौत हो गई है। इंद्राणी ने बुधवार को सीबीआई अदालत को बताया कि शेट्टे की मौत का मामला दर्ज किए जाने के बाद उसने जेल अधिकारियों को बताया कि वह इस मामले में गवाही देने के लिए तैयार है। प्रदर्शन वाले दिन के घटनाक्रमों को याद करते हुए उसने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने जेल की लाइटें बंद करने के बाद लाठीचार्ज करने के आदेश दिए थे। उसने आरोप लगाया कि यहां तक कि पुरुष अधिकारियों ने जेल में कैदियों पर लाठीचार्ज किया। उसने कहा मुझे हाथ और पैर पर मारा गया। मैं मुश्किल से चल पा रही हूं। उसने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने उससे कहा तू गवाह बनने जा रही है..तेरे को भी देख लेंगे। उसने कहा कि अधीक्षक ने उसे धमकी देते हुए कहा हम तेरे साथ भी वही करेंगे तो हमने शेट्टे के साथ किया था।

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