
युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
प्रो॰ राजकुमार जैन
भारत का मीडिया लगातार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चुनाव अभियानों में उनके द्वारा की जाने वाली अथक मेहनत, सभाओं में जनता के अपार जनसमूह तथा समर्थन में ‘मोदी-मोदी’ का गगनभेदी स्वर गान के कसीदे पढ़ रहा है। यह कितना वास्तविक है या प्रायोजित? जनता अच्छी तरह समझ रही है। मोदी मीडिया, लगातार रट लगा रहा है कि ऐसा जननेता, चुनाव प्रचारक, हिंदुस्तान में कोई दूसरा नहीं हुआ।
गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया एक्ट 1935 के तहत 1937 में हुए चुनाव में जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार किया था। जिसका जिक्र डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने अपनी आत्मकथा में किया है। अगर उसको मोदी मीडिया तथा मोदी भक्त पढ़ लें तो पता चल जाएगा कि सारे सत्ता-धन बल, गुलाम मीडिया, हैलिकोप्टरों, हवाई जहाजों के इस्तेमाल, रेलों, बसों में लोगों को भर कर लाने तथा तरह-तरह के उपहार बांटने के बावजूद मोदी कहाँ ठहरते है?
डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद लिखते है – “अपने चुनाव दौरे में जवाहर लाल ने लगभग 50,000 मील क्षेत्र में हर रोज लगभग 10 से 12 सभाओं को संबोधित करने के लिए तरह-तरह के साधनों को अपनाया था। ऊंट, हाथी, साइकिल, यहाँ तक कि पैदल भी सफर तय किया। उनका यह आश्चर्यजनक प्रयास लोगों को प्रेरणा दे रहा था। उनका आह्वान (on foot to the polls पैदल चलो वोट करो) ग्रामीण मतदाताओं में अत्यंत लोकप्रिय हो रहा था। लगभग (10 मिलियन्न) एक करोड़ लोग मतदाता तथा गैर मतदाता क्या तो उनकी सभा में शामिल हुए, या उनके ना खत्म होने वाले दौरे में उनके दर्शन करने के लिए हर जगह उनका प्रशंसक विशाल जनसमूह उपस्थित था।




