कला-साहित्य
उगते सूर्य को अर्घ्य छठ माई
युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
खाया, नहाया, धोया संग
पर्व की हुई शुरुआत
गन्ने के रस संग बनाया भात
नमक मसाले किये सब त्याग।।
प्रथम खाए व्रत संकल्प धारणी
फिर खाए सब मिल परिवार
पांच दिन का पर्व ये छठ का
मनाए सब हुआ ये खूब जग विख्यात।।
छठ की छठा बहुत ही निराली
सूर्य की देखो सुंदर फैली लाली
शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य लगाई
सुबह पहली किरण संग अर्घ्य लगाई
निभाया हे मां छठ पूजा का विधान
औलाद को देना सुमति और ज्ञान
परिवार बना रहे सदा मेरा अभिमान
जीवनसाथी की सफलता ही मेरा गुमान।।
लाल फूल संग अर्घ्य दे डूबते सूर्य को
उगते सूर्य को भी अर्घय देना।।
निभा हर धर्म व्रतहरता करणी
जीवन में छठ मैय्या सदैव संग रहना।।
वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र




