कला-साहित्य
क्या लड़की होना अपराध है?

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
आज बताती हूं एक बात,
जब मैं पढ़ती थी कक्षा सात।
हमारा परिक्षाफल आया,
मैंने गणित मे अधिक अंक पाया।।
खुश थी बहुत कि,
आज शाबाशी मिलेगी।
परन्तु ऐसा कुछ भी नही हुआ,
अध्यापक जी ने घूर कर देखा।।
मैंने डर कर नजरें झुकाई,
तभी पीछे से रोने की आवाज आई।
मैंने मुड़कर देखा अध्यापक जी,
दो बालको की छड़ी से कर रहे थे पिटाई।।
उसने लड़की होकर अधिक अंक पाया,
तुमने लड़का होकर कम अंक क्यों पाया?
मेरी खुशी काफूर हो गई,
और मैं सोच मे पड़ गई।
क्या लड़की होना अपराध है,
या लड़की होकर अधिक अंक पाना?
प्रियंका पांडेय त्रिपाठी




