कला-साहित्य

जय गजानना…..!

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

हे गणेश, गजाननराया,

हे लंबोदर जगत को भाया,

अब सुन लो मेरी पुकार, करूं

तुम्हारी मैं विनती सौ-सौ बार !

गणाधिपति, गणराया, प्रथमपूज्य

महाराज, रिद्धि सिद्धि संग आओ,

मोरे अंगना पधारों, हमने संजाया,

अंगना, मंडप, तोरणद्वार, आओनी!

फूलों से संजाया घरद्वार रे गौरी पुत्र,

चंवर डुलायें, करें फूलों की बरसात,

धूपदीप, सुगंधित इत्र, मनमोहे और

मोदकभोग लगायेंं, आओ महाराज!

विद्याबुद्दि के तुम हो दाता, सिद्दीविनायक

आनंदमंगलकारी, भर दो निधियों से भंडार,

ओओओ विनती तुम्हारी, हांआआ बारंबार,

जय गणपति, जय गजानना, जय गजानना!

जय गणपतये नमो नम:, जय सिद्दीविनायक,

हे गजवदनं, गौरीपुत्रम, एकदंतम लंबोदरम,

श्रीगणेशम, भक्ताधिनम, प्रथम वंदनम हेऐऐ

जगदाता दो सुखसंपत्ति का वर हर बार रेऐऐ !

            – मदन वर्मा ” माणिक “

              इंदौर, मध्यप्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button