जिला अस्पताल में सुविधा के नाम पर होती है खानापूर्ति
-ऑक्सीजन के नाम पर मरीज के तीमारदार स्वयं लाते हैं अपना सिलेंडर

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
-मरीज की जान बचाने के लिए स्टाफ के पैरों पर गिरकर माफी मांगते हैं मरीज के तीमारदार
-मरता क्या न करता वाली कहावत जिला अस्पताल में होती है चरितार्थ
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोविड-19 को देखते हुए उत्तर प्रदेश के समस्त जनपद के जिला अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले हर मरीज की हर संभव मदद की जाए कोविड-19 से ग्रसित मरीजों का विशेष ध्यान दिया जाए वही मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समस्त जनपद के जिला अधिकारियों से समय-समय पर वार्ता के माध्यम से सख्त निर्देश देते चले आ रहे हैं परंतु उनके निर्देश जनपद में कितना पालन किया जा रहा है यह हकीकत तो जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के मुखारविंद से सुनने में समझ में आता है कि जिला अस्पताल में कितनी व्यवस्थाएं दी जा रही है वहीं आज लखनऊ जनपद में तैनात कांस्टेबल पद पर रत्नेश कुमार ने अपनी आपबीती बताते हुए बताया कि अपनी मां का उपचार कराने हेतु जिला अस्पताल में उन्होंने भर्ती कराया था कोविड-19 मर्ज का शिकार होने के बावजूद जिला अस्पताल में उपचार के नाम पर मात्र सुबह शाम एक एक इंजेक्शन दिया जाता है उन्होंने बताया कि वहां के स्टाफ से बात करने पर भी उपचार नहीं किया जाएगा उन्होंने बताया कि ना तो अस्पताल में पल्स ऑक्सीमीटर है ना ही मरीज के उपचार के लिए किसी प्रकार की कोई दवा दी जा रही है केवल मरीज के मरने का इंतजार किया जा रहा है उन्होंने अपना दर्द बताते हुए बताया कि पिछले 3 दिनों से उनकी नजरों के सामने से 20 से 22 मौतें हो चुकी हैं जिसके जिम्मेदार आखिरकार कौन है उन्होंने यह भी बताया कि उनका एक भाई हैलेट में तैनात होने के कारण उनका परिचय देने के बावजूद भी उनकी मां का उपचार नहीं किया जा रहा है और अन्य मरीजों को भी दम तोड़ने का इंतजार कर रहे हैं जिला अस्पताल के डॉक्टर बाय समस्त स्टाफ जिला अस्पताल का यह आलम है कि मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में जनपद की जिला अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा हर बार यही कहा जाता है कि यहां पर सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं परंतु जमीनी हकीकत पर जाकर देखा जाए तो उपचार के नाम पर मात्र खिलवाड़ किया जा रहा है और मरीजों के दम निकलने का इंतजार किया जाता है वहीं भारतीय जनता पार्टी के नगर मंत्री तथा कौशल किशोर सांसद के प्रतिनिधि अंशु सिंह सेंगर ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का पिछले 4 दिनों से फोन बंद होने के कारण मरीज व उनके तीमारदारों को उपचार हेतु सुझाव भी नहीं मिल पा रहा है आखिरकार वह शिकायत करें तो किस से करें जनपद की जिला अधिकारी से पिछले 4 दिनों से बराबर शिकायत करने के बावजूद भी जिला अस्पताल का समस्त स्टाफ सुधरने का नाम नहीं ले रहा है और मरीजों के दम तोड़ने का इंतजार कर रहा है अब सोचने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री द्वारा दी जा रही सुविधा आखिरकार क्यों नहीं पहुंच रही जनपद के जिला अस्पताल में कहीं ना कहीं मरीजों की जिंदगी से हो रहा खिलवाड़ वही आज जिला अस्पताल के महिला वार्ड में एक बेटी ने अपनी मां की जान बचाने के लिए स्टाफ के पैरों में गिर पड़ी फिर भी स्टाफ नहीं पसीजा स्टाफ ने उल्टा मरीज के तीमारदार के ऊपर ही मारपीट का आरोप लगाकर और उसे के ऊपर एफआईआर करने की धमकी दे डाली।




