कला-साहित्य

जीत रही हैं

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

गांधीजी के

तीन बंदर

बुराई मत देखो

बुराई मत सुनो

बुराई मत बोलो

सत्य देखो

सत्य सुनो

और सत्य ही बोलो

गांधीजी की

लाठी में दम था

गांधी जी के

सत्य में भी दम था

गांधीजी ने सिखाया था

रामायण गीता का

रास्ता बतलाया था

जीत सकते हैं हम

मानवता से

जीत नहीं सकते हम

किसी से लड़ाई से

फूल तो कांटों

में भी खिलते हैं

पौधे तो रेगिस्तान

में भी होते हैं

सोच अगर ऊँची हो

आवाज ऊंची जाएगी

कब तक न सुनेगा कोई

कभी तो सुनी जाएगी

गांधीजी ने सिखाया था

न बंदूक न तलवार

प्रेम बतलाया था

आज गांधी जी

हमारे बीच नहीं है

पर गांधी जी की शिक्षाएं

तो जीत रही हैं

रितु शर्मा

दिल्ली 

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