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डीयू में आयोजित होने वाली ओपन बुक परीक्षा पर कोरोना का साया, 500 से ज्यादा शिक्षक हुए संक्रमित

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा अंतिम सेमेस्टर के छात्रों की आयोजित होने वाली ओपन बुक परीक्षा पर कोरोना का साया छाया हुआ है। बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी व छात्र कोरोना से संक्रमित हैं ऐसे में डीयू के समक्ष यह चुनौती है कि वह ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा कैसे कराएगा। ऐसे में डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो.बलराम पाणि ने बताया कि स्थिति गंभीर होने के कारण ओपन बुक परीक्षा स्थगित हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हम उस पहलू पर भी विचार कर रहे हैं कि जिन छात्रों को विदेश में दाखिला लेना है और उनको समय से परीक्षा परिणाम चाहिए उनकी क्या हम लोग अलग से परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। डीयू एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक कठिन और चुनौतीपूर्ण समय है। निश्चित रूप से परीक्षा कराना कठिन होगा लेकिन अभी से अभिभावकों के मेल व फोन आ रहे हैं कि उनके बेटे को विदेश के किसी संस्थान में या कहीं और भी दाखिला लेना है इसलिए परीक्षा परिणाम जुलाई तक चाहिए। छात्रों के भविष्य का भी सवाल है।

ज्ञात हो कि डीयू में 500 से अधिक शिक्षक बीमार हैं और कई शिक्षकों का कोरोना संक्रमण के कारण निधन भी हो गया है।

इस बीच डीयू के शिक्षक संगठन इंटक व छात्र संगठन आइसा ने यह मांग की है कि डीयू प्रशासन इस परीक्षा को तुरंत स्थगित करे। प्राप्त जानकारी के अनुसार डीयू के परीक्षा विभाग में ही 14 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं और कई ऐसे कर्मचारी हैं जिनके परिवार में लोग कोरोना संक्रमित हैं। इसके अलावा डीयू के हर कॉलेज में शिक्षक कोरोना संक्रमित हैं और कई शिक्षकों का निधन भी हो चुका है। यही नहीं उनके परिजन भी कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे में उन शिक्षकों के समक्ष प्रश्नपत्र बनाने का संकट है।

डीयू में शिक्षक संगठन इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस के संयोजक डा.पंकज गर्ग का कहना है कि डीयू प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए परीक्षा कैसे स्थगित की जा सकती है। 15 मई से परीक्षा है और विशेषज्ञ इसी समय कोरोना के अपने चरम पर पहुंचने की बात कह रहे हैं। अधिकांश शिक्षक व छात्र कोरोना के कारण मानसिक अवसाद में हैं। उनके समक्ष यह संकट हैं कि वह अपने परिवार की या अपनी देखभाल करें कि डीयू द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा की तैयारी करें। ऐसी भी जानकारी है कि कई ऐसे शिक्षक हैं जो कोरोना से पीड़ित हैं और उनको प्रश्नपत्र बनाने के लिए डीयू ने भेजा है। स्वास्थ्य कारणों से परेशान शिक्षक कैसे प्रश्नपत्र बना पाएंगे।

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