प्रदोष व्रत में किन बातों का रखें ध्यान

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
pradosh vrat : प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है। प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शंकर की सपरिवार पूजा की जाती है। वहीं प्रदोष व्रत को करने से मनुष्य को अनेक प्रकार के लाभ मिलते हैं, लेकिन प्रदोष व्रत के शास्त्रों में कुछ नियम भी बताए गए हैं। जिनका पालन करने से भगवान शिव की विशेष कृपा व्रती को प्राप्त होती है। वहीं प्रदोष व्रत में अनेक बातों का व्रती को ध्यान रखना चाहिए, जिनमें व्रती को खानपान, आचार-विचार, व्यवहार आदि का नियमपूर्वक पालन करना चाहिए। तो आइए जानते हैं प्रदोष व्रत के दौरान व्रती को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।
प्रदोष व्रत यूं तो निर्जला रखा जाता है, इसलिए इस व्रत में फलाहार सेवन का ही विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत पूरे दिन रखा जाता है। इसलिए इस व्रत में नियमों का पालन बहुत जरुरी है। सुबह नित्यकर्म के बाद स्नान आदि करके व्रत का संकल्प लें। इसके बाद फिर आप दूध का सेवन करें और पूरे दिन व्रत का पालन करें। प्रदोष काल में शिवजी की पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें। ध्यान रखें की प्रदोष व्रत में लाल मिर्च, अन्न, चावल और सादा नमक नहीं खाना चाहिए। याद रखें कि इस दौरान आपको कुछ भी नहीं खाना चाहिए। Also Read –
परन्तु शारीरिक रुप से कमजोर, विक्षिप्त या जो व्यक्ति शारीरिक रुप से बहुत ही कमजोर हैं वे लोग फलाहार का सेवन प्रदोष व्रत के दौरान कर सकते हैं। व्रत-उपवास के समय फलाहार और खानपीन की चीजें एक ही बार ग्रहण करनी चाहिए और बार-बार मुंह झूठा करके आप व्रत को भंग ना करें। इसलिए प्रदोष व्रत में इन सब बातों का ध्यान रखें। कि आपको क्या खाना है और क्या नहीं खाना है।




