उत्तर प्रदेशलखनऊ

भाजपा और सपा में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की छिड़ी जंग

निर्दल जिला पंचायत सदस्यों की बढ़ी आवभगत,जोड़ जुगाड़ शुरू

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। पंचायत चुनाव नतीजों के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए होड़ मच गई है। नतीजे ऐसे आ गये है कि बीजेपी और सपा में वर्चस्व की जंग शुरू हो गई है। जोड़ जुगाड़, साम दाम दंड भेद जो काम आए लगना स्वाभाविक है। निर्दलीय सदस्यों पर ज्यादा फोकस है। अब समय बदल चुका है। निर्दल को किसी दल के सदस्य से कम रसूल वाला मानना अनुचित होगा। वे अपने नफा नुकसान का आंकलन करके ही समर्थन या मुखालफत की सोचेगे। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार सतारुढ़ दल भाजपा और सपा के लिए ही नहीं पूरी चुनाव प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका में आ गए हैं। प्रदेश के 75 में अध्यक्ष बनना है। जिला पंचायतों में अध्यक्ष की कुर्सी पर किस दल का कब्जा होगा, उसमें निर्दलीय निर्णायक रोल निभाएंगे। जिला पंचायत की 3050 सीटों पर हुए चुनाव में जो तस्वीर बनी है उसमें सपा को 782 सीटें मिली हैं जबकि भाजपा को 582 जबकि निर्दलीयों ने सबसे बड़ी संख्या बनाई है भाजपा और सपा दोनों को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए निर्दलीयों की चैखट पर हाजिरी देनी होगी।। कही निर्दलीय सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष बन जाये तो चैकने की जरूरत नहीं है क्योंकि निर्दलीय दलीय उम्मीदवार से कम पापुलर नहीं होंगे। निर्दलीय जिला पंचायत ति में बड़ी आवभगत तो बढ़ गई है। कुुुछ निर्दलीय सदस्य सतारुढ़ दल भाजपा की नाखुशी नहीं चाहेंगे। कुछ सदस्य 2022 को ध्यान में रखकर निर्णय लेने के मूड में हैं। खैर कुछ भी हो, इस समय सबसे ज्यादा निर्दल सदस्य अहम भूमिका में है।

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