“मजदूर दिवस”- श्रमिकों पर बरसायें श्रद्धा के फूल

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
“मजदूर दिवस” मनायें सम्मान करें।
यही तो हैं ये खून पसीना दान करें।।
मालिक हेतु करते ये डट कर काम।
इनके मजदूरी का देना पूरा-2 दाम।।
चरमरा गयी है सभी अर्थ व्यवस्था।
कोरोना में घाटा की बनी अवस्था।।
लाखों अरबों में नित होता है घाटा।
रोजी रोटी है छूट रही उसका घाटा।।
“मजदूर दिवस” भले है आज मगर।
इनका बहुत बुरा ही है ये हाल डगर।।
ऐसी स्थिति में है आ पहुंचा यह देश।
रोज ही निकल रहा है कोरोना केस।।
कहाँ कमायें यह अपनी रोजी रोटी।
सब तो है बंद पड़ा खायें कैसे रोटी।।
निकल न सकती कोई जुलूस रैली।
ना ही दे सकते हैं मजदूरों को थैली।।
दिल में हो इनके लिए भी सम्मान।
रखें खाने पीने एवं जीने का ध्यान।।
अगर ना होते धरती पर यह मजदूर।
बनता कैसे यही ताजमहल मशहूर।।
दिखता चिमनी से नहीं धुँआ उठान।
ना भट्ठा सीमेंट सरिया रेता दुकान।।
मजदूरों के बल पे ही होता है काम।
मिल फैक्ट्री इंडस्ट्री का हरेक काम।।
इनके बिना अधूरा है ये हैं श्रम फूल।
इन्हें कभी बिलकुल मत जाना भूल।।
श्रमिक हमारे आप जैसे ही हैं इंसान।
इन्हें भी बच्चे परिवार देते हैं भगवान।।
इन्हें भी आदर करें पोछें इनके धूल।
इन पर बरसायें श्रद्धा के कुछ फूल।।
रचयिता :
डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव
वरिष्ठ प्रवक्ता-पी बी कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर,नार्थ इंडिया
2020-21,एलायन्स क्लब्स इंटरनेशनल,प.बंगाल
संपर्क : 9415350596




