कला-साहित्यविचार
मैं चांद सा तुम मेरी चांदनी

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
मैं चांद सा तुम मेरी हो चांदनी..2
जिंदगी हो जैसे अपनी रागनी
मैं चांद सा तुम मेरी हो चांदनी।।
करते हैं ये वादा आज तुमसे सनम..2
साथ निभाऐंगे हम जब तक हे दम..2
जिंदगी मे मिल के आज भर देंगे रंग
मैं चांद सा तुम मेरी हो चांदनी..2
दुनिया ढ़ाऐगी यदि हम पे सितम
साथ मिलके ही सहेंगे हम हमदम
छोड़ेगे ना साथ तेरा जब तक है दम
मैं चांद सा तुम मेरी हो चांदनी..2
आंखों मे ना आने दूंगा आंसू कभी
दिल के हर कोने मे सिर्फ़ तू बसी
तेरी एक मुस्कान देख जीते हैं हम..2
मैं चांद सा तुम मेरी हो चांदनी..2
वीना आडवानी”तन्वी”
नागपुर, महाराष्ट्र




