सियासत

राजभर का बड़ा बयान, कहा- जिन्ना भारत के पहले प्रधानमंत्री होते तो न होता देश का बंटवारा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 से पहले उत्तर प्रदेश में जिन्ना को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में अपने बयानों को लेकर सुखियो में रहने पूर्व मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जिन्ना भारत के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश बंटवारा नहीं होता। राजभर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता लाल कृष्ण भी जिन्ना कर तारीफ कर चुके है। बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हरदोई की एक जनसभा में मोहम्मद अली जिन्ना की, भारत की आजादी के लिए उनके योगदान की सराहना की थी। सपा प्रमुख ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और (मोहम्मद अली) जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की और बैरिस्टर बने और उन्होंने आजादी दिलाई। उन्हें आजादी के लिए किसी भी तरीके से संघर्ष करना पड़ा होगा तो पीछे नहीं हटे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम लिए बिना कहा अगर कोई विचारधारा (आरएसएस की) है जिस पर प्रतिबंध लगाया गया था तो वह लौह पुरुष सरदार पटेल थे जिन्होंने प्रतिबंध लगाने का काम किया था। अखिलेश ने इस दौरान कहा कि आज, जो लोग देश को एकजुट करने की बात कर रहे हैं, वे आपको और मुझे जाति और धर्म के आधार पर विभाजित कर रहे हैं । फिलहाल ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश का समर्थन करते हुए उनके बयान को सही बताया है। गौरतलब है कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश के साथ गठबंधन विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके है।

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