कला-साहित्यविचार

॥ कोशिश ॥

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

जग में मुस्कुराना आसान नहीं है

फिर भी हर पल मुस्कुराईये

जिन्दगी को जीना बहुत कठिन है

हैंसकर जीवन को बिताईये

दोस्त बनाना आसाना नहीं है

फिर भी दोस्ती का हाथ बढ़ाईये

दुश्मन बनाना बहुत सरल है

पर दुश्मनी को दूर भगाईये

भूख से लड़ना बहुत कठिन है

मेहनत से भूख मिटाईये

सुखमय जीवन नामुमकिन है

नामुमकिन को मुमकिन बनाईये

हर नुक्कड़ पर गम खड़ा है

गम से मत घबराईये

खुशी के ऑसू छलक जायेगें

गम को हर पल भूल जाईये

सुख दुःख जीवन के दो पहिये हैं

साथ साथ इन्हें गले लगाईये

इक दिन दुःख दूर भग जायेगा

आशा की पौधा लगाईये

रात अंधेरी दीख रहा है

हिम्मत की दीपक जलाईये

दीपक की लौ से डरता है अंधेरा

इनको भी तो आजमाईये

दुःख का सागर उमड़ रहा है

निराश अपने को ना बनाईये

धैर्य की नैय्या पर सवार होकर

दरिया को पार लग जाईये

रोने वाला भी हँसता है

मुस्कुराने की पहल तो कीजीये

सकारात्मक सोंच से मंजिल मिलता है

नकारात्मक को पास ना बुलाईये

अकेला चिराग अंधेरे से लड़ता है

चिराग सा हिम्मत जुटाईये

खुशियाँ इक दिन कदम चुमेगी

दीपक सा सोच बनाईये

माना कि ठोकर दर्द दे जाता है

पर ठोकर से मत घबराईये

गिरने वाला धावक बनता है

नन्हें बालक से सीख पाईये

कौन कहता है मंजिल नहीं मिलती

चलने की आदत तो डालिये

निरंतर चलने से मुकाम मिलता है

चलने की कोशिश फरमाईये

कड़ी मेहनत सफलता की कुंजी है

मेहनत को दोस्त बनाइये

लगातार मेहनत करने से

सफलता के द्वार पहुँच जाईये

अंधेरे में भी प्रक्राश छुपा है

अंधेरे में भी चलने की आदत बनाईये

कोई साथ गर ना मिलता हो

अकेले ही आगे बढ़ जाईये।

उदय किशाेर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

9546115088

 

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