कला-साहित्य
॥ मोह माया ॥

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
अन्तिम समय जब आता है
कोई साथ ना जाता है
मौत अपनापन दिखलाता है
मौत ही गले लगाता है
अन्तिम समय जब आता है
मौत मित्र धर्म निभाता है
यमपुरी का मार्ग प्रशस्त कर
यमपुरी ले जाता . है
अन्तिम समय जब आता है
कोई साथ कब देता है
परिजन डर से भग जाते हैं
तब मौत सहारा बन आता है
अन्तिम समय जब आता है
अनजान डगर दीख जाता है
मौत मार्ग दर्शक बन कर
हम सफर बन अज्ञात लोक ले जाता है
अन्तिम समय जब आता है
परिजन मोह माया दिखलाता है
कफन ओढ़ाकर शमशान ले जाकर
दाह संस्कार कर भग जाता है
मौत ने समझाया जग को
जग में जो आया वो जायेगा
जीवन कुछ पल का बसेरा है भाई
शाम ढ़ले उजड़ जायेगा
मौत ने समझाया मानव को
क्यों डरते हो मौत से रे नादान
मौत ही सच्चा साथी है
गले लगाओ हँस कर इन्सान।
उदय किशोर साह
मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार
9546115088




