युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
ऊलझाया जनता को गया
कर्ज के जाल को फेंक
गरीब को ही चुंसा गया
मूल पर ब्याज को सेंक
दिखाया अमीरी सपना गया
अब बह रहा है रेंक
——- वीरेन्द्र तोमर
युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
ऊलझाया जनता को गया
कर्ज के जाल को फेंक
गरीब को ही चुंसा गया
मूल पर ब्याज को सेंक
दिखाया अमीरी सपना गया
अब बह रहा है रेंक
——- वीरेन्द्र तोमर