युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दो साल बाद एक फिर लखनऊ में बड़े मंगल की रौनक देखने को मिली। सुबह से ही शहर के सभी इलाकों में भंडारों के लिए जहां पडांल लगने लगे। वहीं सरकारी विभाग में भी कर्मचारियों ने इस त्योहार से मनाया। कोविड की वजह से पिछले दो साल से लखनऊ में सार्वजनिक रुप से बड़े मंगल का त्योहार नहीं बनाया जा रहा था। लेकिन इस साल फिर से यह परंपरा शुरू हो गई है। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी आदेश जारी कर दिया है कि बड़े मंगल पर व्यवस्था में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। पानी से लेकर सफाई तक का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हजरतगंज, गोमती नगर, इंदिरा नगर, आशियाना, चारबाग, चौक, चौपटिया, आलमबाग, भूतनाथ समेत सभी बाजारों में बड़े मंगल की रौनक देखने को मिली। लखनऊ में बड़ा मंगल करीब दो सौ साल से मनाया जा रहा है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक शहर में करीब छोटे-बड़े मिलाकर पांच हजार से ज्यादा भंडारे लगे हैं। इस दौरान भंडारों में पूड़ी-सब्जी से लेकर हलवा, शरबत, कढ़ी-चावल, छोला-चावल और बूंदी की मिठाई का प्रसाद दिया गया। यह आम धारणा है कि बड़े मंगल के दिन लोग दफ्तर में लंच लेकर नहीं जाते है। इस दिन लखनऊ में कोई भी भूखा नहीं सोता है। बड़ा मंगल लखनऊ में गंगा- जमुनी तहजीब का हिस्सा भी माना जाता है। मंगल पर भंडारा लगाने वालों ने कहा कि उनकी मांग है कि समाज और प्रदेश का विकास हो। समाज में सभी लोग खुश रहे। अच्छे से रहे। भंडारे का आयोजन करने वालों ने बताया कि दो साल बाद ऐसा दिन लखनऊ वालों को मिला है। हम यही कामना करते हैं कि कोविड या इस तरह की कोई भी बीमारी हम सबको ऐसे परेशान न होना पड़े।