युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
अयोध्या। जनवरी माह में जब रामलला दिव्य, भव्य और चिरस्थायी भवन में विराजमान होंगे तो समारोह की माला अनेक देशों के मनकों से सजेगी। रामजन्म भूमि पर अद्वितीय और स्मरणीय समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो आएंगे ही, विदेशी अतिथि भी सम्मिलित होंगे। अमेरिका, वियतनाम, मलेशिया, थाईलैंड, ट्रिनिडाड, टोबैगो, श्रीलंका, इंडोनेशिया, फिजी, रूस एवं नेपाल जैसे अनेक देशों से अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा, जहां रामलीला की परंपरा जीवंत और सनातन संस्कृति की जड़ें भी मजबूत हैं।
प्रत्येक पंथ के प्रतिनिधि संतों की मौजूदगी होगी। गत दिनों रामनगरी में प्राण प्रतिष्ठा समिति की बैठक हुई, जिसमें विदेशी मेहमानों को आमंत्रित करने पर चर्चा हुई। यह विचार भी हुआ कि समारोह में उन देशों के प्रतिनिधियों को अवश्य आमंत्रण भेजा जाए, जहां रामलीला की परंपरा वर्षों से विद्यमान है। हालांकि, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
समिति के एक सदस्य ने बताया कि भगवान की प्राण प्रतिष्ठा को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ आयोजन बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुनिया भर के सनातन धर्मावलंबियों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाना है। इस पर फौरी तौर पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने बताया कि आयोजन के विभिन्न आयामों पर व्यापक चर्चा के साथ तैयारी आगे बढ़ रही है। परिसर में सात से दस हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था का लक्ष्य है।
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयारियां धीरे धीरे तेज हो रही हैं। समिति ने तय किया कि आयोजन की निर्धारित तिथि से सात दिन पूर्व ही पूरे देश में प्राण प्रतिष्ठा समारोह आरंभ हो जाएगा। अयोध्या में विशिष्ट कार्यक्रम होंगे। मंदिर-मंदिर पूजन-अर्चन व हवन होंगे। कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले भक्तों के लिए विशेष सुविधाएं होंगी। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देश में बड़े-बड़े लंगर संचालित करने वालों को बुलाने की योजना बना रहा है, जो अनवरत यहां लंगर संचालित करेंगे। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जाएगी।