Yug Jagran

॥ पी ओ के का दर्द ॥

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

रो रही है पी ओ के की धरती

और इन्तजार कब तक

सत्तर साल से जकड़ गई है

और गुलामी कब तक

कूच करो अय हिन्द की सेना

पी ओ के आने को तैयार है

माँ भारती की ऑचल में

छुप जाने को बरसों से बेकरार है

अधुरी है हिन्द की आजादी

सिन्ध जब तक भारत ना आयेगा

मुजफ्फरावाद गिलगिट आदि

विलय भारत में जब तक ना हो जयेगा

रो रही है पी ओ के की मिट्टी

गुलामी की तलवार से

रो रही है पी ओ के की धरती

पाक फौज की अत्याचार से

जख्मों से भर चुकी है छाती

टीस रहा है आवाम को सारा

जंजीरों में कब तक तड़पेगी

मांग रहा है पी ओ के सहारा

चिल्ला रहा है आवाम पी ओ के का

भारत माता की जयकारा

दर्द सुन ले दिल्ली की सत्ता

पी ओ के आजाद हो जो है हमारा

उदय किशोर साह 

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार