कुम्भकर्ण एवम मेघनाथ वध लीला का मनोहारी एवम भव्य मंचन

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
’विजय से उत्साहित दर्शको का श्री लक्ष्मण एवम जय श्री राम का गगनभेदी उद्घोष
सहारनपुर। राधा कृष्ण मंदिर क्लब रालीला गांधी पार्क द्वारा कुम्भकर्ण एवम मेघनाथ की लीला का मनोहारी एवम भव्य लीला का मंचन देख प्रसन्नतावश दर्शको ने जय श्री राम एवम जय श्री लक्ष्मण का गगनभेदी उद्घोष किया।
राधा कृष्ण मंदिर क्लब रामलीला गांधीपार्क के 37वे रामलीला एवम दशहरा महोत्सव में मंचित लीला में लक्ष्मण के मूर्छा से ठीक होते ही लक्ष्मण ने जहां युद्ध मे स्वयं जाने की प्रभु श्री राम से अनुमति ली और हनुमान जी के साथ युद्ध मे गए वहीं रावण ने अपने भाई कुम्भकर्ण को जगाने एवम विभीषण द्वारा युद्ध की विभीषिका से होने वाले नुकसान के लिए रावण को समझाने पर रावण द्वारा विभीषण को कायर कहते हुए लात मार कर लंका से निष्कासित कर दिए जाने की भव्य लीला का मंचन किया गया।
प्रभु श्री राम द्वारा कुम्भकर्ण का वध किया गया वहीं लक्ष्मण द्वारा मेघनाथ का वध किया गया। कुम्भकर्ण को जगाने से लेकर युद्ध मे जाने की मनोहारी लीला का मंचन किया गया। प्रभु श्री राम के रूप में उद्धव कोदंड एवम लक्ष्मण के रूप में कुशाग्र नैब ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शको में न केवल उत्साह का संचार किया बल्कि तालिया बजाने को मजबूर किया। रावण के रूप में राजीव यादव ने अपनी संवाद अभिव्यक्ति से दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया। विभीषण के रूप में अनुज जैन ने भी दर्शको की प्रशंसा बटोरी।
कुम्भकर्ण के रूप में वरिष्ठ रंगकर्मी राकेश शर्मा ने लंबे अरसे के बाद मंच पर अपनी सशक्त अभिनय क्षमताओ से दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया।मेघनाथ के रूप में विनय वत्स ने अपनी संवाद अभिव्यक्ति एवम अभिनय से दर्शको में विशेष छाप छोड़ी। निर्देशन रविन्द्र शर्मा ने किया वहीं रूप सज्जा नीतीश राजपूत एवम सचिन नामदेव की प्रशंसनीय रही।
कुम्भकर्ण को जगाने में तरुण प्रकाश भोला, जगमोहन, कुणाल वत्स आदि ने दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया। आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में क्लब के प्रधान चौधरी जोगेंद्र कुमार, महामंत्री गुरदीप सिंह बाबा, गुरमीत सिंह, विक्रांत सैनी, नवदीप आनन्द, गगन आनन्द, मुकेश ढिल्लन, हार्दिक, आशु शर्मा, अमन आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा। अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर डॉक्टर जोगेंद्र नाथ का क्लब पदाधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया। मंच संचालन सशक्त रूप में रमेश चंद्र छबीला एवम राकेश वत्स ने किया जो बेहद पसंद किया गया।




