कला-साहित्य

चरचा मा पताल

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

सुनलव संगी सुनव मितान।देवव थोरिक येती ध्यान।।

चरचा मा हे आज पताल।देख सबो के बिगड़य हाल।।

बड़े –बड़े अउ गोल मटोल।अब्बड़ बाढ़य येखर मोल।।

बंगाला हा चढ़े अगास।नइ आवय ये कखरो पास।।

महंँगाई के मारा मार।दू सौ रुपिया के हे पार।।

भाव बढ़े मा कोन बिसाय। चटनी बर तो मन ललचाय।।

बिन पताल नइ साग मिठाय। लइका मन गोहार लगाय।।

घुरुवा के हा दिन बहुराय।बखत परे मा पारी आय।।

बड़ इतरावत हवय पताल।येला का होगे ए साल।।

तरकारी ले करे सवाल।हटरी मा जी होय बवाल।।

घेरी –बेरी बदलय रंग। रहि के जम्मों मनखे संग।।

संगति हा झट असर दिखाय। ये पताल सब ला रोवाय।।

रचनाकार

प्रिया देवांगन “प्रियू”

राजिम जिला – गरियाबंद

छत्तीसगढ़

Priyadewangan1997@gmail.com

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