चीन ने दी अमेरिका को चेतावनी, कहा- ताइवान से अपने सारे संपर्क तोड़ दे, खतरनाक रास्ते पर ना बढ़े

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
बीजिंग। चीन ने एकबार फिर अमेरिका को हिदायत दी है कि वह ताइवान से अपने सारे संपर्क तोड़ ले। समाचार एजेंसी स्पुतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झावो लिजियन ने कहा कि अमेरिका को ताइवान के साथ आधिकारिक संपर्क बंद कर देना चाहिए। चीन का यह बयान अमेरिकी सीनेट के विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज की अध्यक्षता में छह अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के ताइवान पहुंचने के बाद आया है। वहीं ताइवान की समाचार एजेंसी सीएनए ने बताया है कि अमेरिकी सांसदों का समूह अपनी दो दिवसीय इस यात्रा के दौरान ताइवान की राष्ट्रपति त्साइ इंग-वेन के साथ बैठक करेगा। इसमें दोनों पक्षों के अमेरिका ताइवान सहयोग, चीन के खतरे और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने एक ब्रीफिंग में कहा कि चीन अमेरिका और ताइवान क्षेत्र के बीच किसी भी प्रकार की आधिकारिक बातचीत का कड़ा विरोध करता है।
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों को अमेरिकी सरकार की वन चाइना पालिसी के अनुरूप काम करना चाहिए। अमेरिका को ताइवान के साथ नजदीकियों पर लगाम लगाना चाहिए। अमेरिका को खतरनाक रास्ते पर आगे बढ़ने से बचना चाहिए। मालूम हो कि छह अमेरिकी सांसद गुरुवार को अमेरिकी वायुसेना के विमान से ताइपे के डाउनटाउन सोंगशान हवाई अड्डे पर पहुंचे। वहां ताइवान के विदेश मंत्री जोसफ वु ने सभी अमेरिकी सांसदों का स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि चीन द्विपीय क्षेत्र ताइवान को अपना मानता है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ताइवान पर कब्जे की धमकी दे चुके हैं। चीनी हमले के डर से ताइवान ने अमेरिका से नजदीकियां बढ़ाई हैं। मौजूदा वक्त में अमेरिका ताइवान का सबसे महत्वपूर्ण हथियार आपूर्तिकर्ता है। बाइडन प्रशासन के समर्थन से ताइवान का मनोबल बढ़ा हुआ है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब चीन की ओर से अमेरिका को ताइवान से दूरी बनाने की चेतावनी दी गई है। चीन पहले भी अमेरिका को ऐसी चेतावनी जारी कर चुका है।




