कला-साहित्य
जरा सोच लेना

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
ओ मित्र घोंचू !मतदान केन्द्र पर जाने से पहले ज़रा सोच लेना।
ईवीएम की बटम दबाने से पहले ज़रा सोच लेना।।
आज़ाद हो तुम,
लोकतंत्र की शुभ इच्छा है तुमसे।सुखद भविष्य की अपेक्षा है तुमसे।।
बहकावे में आने से पहले ज़रा सोच लेना।
ईवीएम की बटम दबाने से पहले ज़रा सोच लेना।—–
निष्ठा लगन की घड़ी अब है आई।
अतिशय मगन की घड़ी अब है आई।।
निष्पक्ष मतदान करके दिखाना।
स्वयं स्वार्थ में तुम बहक मत जाना।।
चहेते को अपने जिताने से पहले ज़रा सोच लेना।
ईवीएम की बटम दबाने से पहले ज़रा सोच लेना।—
चाहे जो भी करना तुम्हारी ए इच्छा।
मगर राष्ट्र भक्ति की है ए परीक्षा।।
सरस गुल खिलाने से पहले ज़रा सोच लेना।
ईवीएम की बटम दबाने से पहले ज़रा सोच लेना।।—
गौरीशंकर पाण्डेय सरस




