जिनके चार चार महारथी हारे खुलासा भला कौन करेगा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
अनिल श्रीवास्तव
दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नही हुआ अज्ञात युवती की हत्या का खुलासा
आये जितने वीर महज अन्धेरे में चलाते रहे तीर
मजबूत सूचना तंत्र के लिये मोहताज दिखे थानाध्यक्ष
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी प्रत्येक बैठक में कानून व्यवस्था को चुस्त एवं दुरूस्त बनाने पर बल देते चले आ रहे है। उनके द्वारा जारी किये जाने वाले कडे निर्देशो का पालन होता भाले ही पूरे प्रदेश में नजर आ रहा हो किन्तु इस जनपद का गाजीपुर थाना पिछले काफी समय से राम भरोसे चल रहा है। गाजीपुर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत चकसकरन गांव से बडागांव मछरिया को जाने वाले रास्ते में लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर दो वर्ष पूर्व एक अज्ञात युवती की नग्न अवस्था में पडी लाश को पुलिस ने बरामत किया था।
किन्तु इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस घटना का खुलासा नही कर सकी है। इस थाने से तीन थानाध्यक्ष आकर चले गये है किन्तु मजदूत सूचना तंत्र के आभाव में तीनो थानाध्यक्ष घटना का खुलासा करने के नाम पर महज अंधेरे मे तीर चला रहे थे। मालूम रहे कि गाजीपुर थाना क्षेत्र के अन्तर्गत चकसकरन गांव से बडागांव मछरिया को जाने वाले रास्ते में विगत 24 सितम्बर 2021 को ग्रामीणो की सूचना पर मौके में पहुंचे तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज यादव ने नग्न अवस्था में पडी युवती की लाश को बरामद करने के बाद पोस्टमार्डम के लिये भेज दिया था।
तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज यादव ने घटना का खुलासा करने के लिये गाजीपुर क्षेत्र के अलावा बांदा जनपद में भी अपने मुखबिरो से सम्पर्क साधना शुरू कर दिया था क्योकि नीरज यादव इस जनपद से पहले बांदा जनपद में तैनात रह चुके थे ओैर उनको पूर्ण विश्वास था कि वह घटना का खुलासा कर लेगे किन्तु राजनैतिक मामले का उनको शिकार होना पड गया था और उनको गाजीपुर से तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने हटा कर असोथर थाने की जिम्मेदारी सौप दी थी। नीरज यादव को हटा कर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक संगम लाल प्रजापति को गाजीपुर थाने की कमान सौप दी थी। उपरोक्त घटना का खुलासा करने के नाम पर संगम लाल प्रजापति ने भी हथियार डाल दिया था और कुछ दिन बाद पुलिस अधीक्षक ने उनसे गाजीपुर थानाध्यक्ष की कुर्सी छीनकर उनको थरियांव थाने में बतौर वरिष्ठ उपनिरीक्षक तैनात कर दिया था।
संगम लाल प्रजापति को हटाकर पुलिस अधीक्षक ने एक और महारथी पर भरोसा जताते हुये आन्नद पाल सिंह को गाजीपुर थाने का थानाध्यक्ष बना दिया था इस थाने में फुटबाॅल खेल निरंतर चलता रहा और एक के बाद एक थाना अध्यक्षों की रवांगी होती रही आन्नद पाल सिंह के जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने बतौर थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक विनोद मिश्रा को कमान सौप दी है। इनके कार्य काल में ककरार गांव निवासी शिवशरन रैदास पुजारी की उसी के मन्दिर में बीती 10 जुलाई की रात को अज्ञात लोगो ने हत्या कर दी थी। जिसकी सूचना उसके परिजनो ने 11 जूलाई को थानाध्यक्ष को दी थी जब इस घटना का खुलासा थानाध्यक्ष नही कर पाये है तो युवती की हत्या की घटना का खुलासा करना आसमान से तारे तोडने वाली कहावत होगी।




