जिला अस्पताल के कैमरे बने शोपीस

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
फतेहपुर : जनपद का जिला अस्पताल जहां जनपद की जनता आकर अपने उपचार कराने के लिए जिला अस्पताल आती है और जिला अस्पताल में अभी तक मरीजों के लिए हर सुविधा मुहैया कराई जाती थी परंतु जब से जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के अंडर में जिला अस्पताल आया है तब से जिला अस्पताल की व्यवस्था बद से बदतर हो चुकी है इमरजेंसी में मरीजों को लगाने के लिए ना तो बिगो है और ना ही मरीजों को चढ़ाने के लिए ग्लूकोस की बोतल भी नहीं मिल पा रही है वही जिला अस्पताल में इन दिनों चोरों का आतंक है मरीज के साथ आए तीमारदारों का प्रत्येक दिन जिला अस्पताल के वार्ड से या ब्लड जांच करने वाली पैथोलॉजी के पास से तीमारदारों के मोबाइल फोन चुरा लिए जाते हैं और सदर चैकी प्रभारी अपनी कुर्सी संभाले बैठे रहते हैं आखिरकार यह चोर कौन है जो मरीज या मरीज के तीमारदारों के साथ चोरी की घटना को अंजाम देते हैं अभी बीते दिन ब्लड जांच की पैथोलॉजी के पास से चार तीमारदारों के एंड्रॉयड फोन चोरी किए गए जब तीमारदार ने सीएमएस के कमरे में जाकर कैमरे चेक करने की बात कही तो वहां का नजारा कुछ और ही था सीएमएस के कमरे में लगी डिस्प्ले बराबर तो कर रही है कि जिला अस्पताल के अंदर 16 के 16 कैमरे पूरी तरीके से बंद पड़े हुए आखिरकार कौन है इसका जिम्मेदार हालांकि इस मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब से मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल जिला अस्पताल में बैठने लगे तब उसे जिला अस्पताल की समस्त जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल की है परंतु मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने जिला अस्पताल में बैठने से पहले वहां की व्यवस्था पर गौर नहीं फरमाया कि कैमरों से लैस अस्पताल के कैमरे आखिरकार कैसे बंद पड़े हुए इस तरीके तो आए दिन चोरी की घटनाएं घटित होती हैं और चोरों के हौसले भी बुलंद है कि अस्पताल के सारे कैमरे तो बंद पड़े हुए हैं आखिर उन्हें देखने वाला कौन है हालांकि जिला अस्पताल में होमगार्ड विभाग के कर्मचारी भी निगरानी के लिए लगाए जाते हैं परंतु वह भी अपनी ड्यूटी खानापूर्ति करते हुए बाहर पेड़ की छांव के नीचे बैठे नजर आते हैं आखिर कौन है जिम्मेदार ?




