तेंदुए की दहशत बरकरार

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
उरई/जालौन। न्यामतपुर रेंज के जीतामऊ और रायपुर के बीच जंगल में यमुना के किनारे रेत में एक जानवर के पैरों के निशान मिले हैं। इन्हें गांव के लोग तेंदुए के पैरों से निशान मान रहे हैं। हालांकि वन अधिकारियों का दावा है कि रेत में मिले पैरों के निशान तेंदुए के नहीं है। फिर भी जंगलों में निगरानी की जा रही है। यमुना पट्टी की किनारे बसे गांव जीतामऊ और रायपुर के जंगल में तेंदुआ होने को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। राजू, महेश, दिनेश और पप्पू समेत तमाम ग्रामीणों ने बताया कि वह शुक्रवार देर शाम जंगल की ओर से लौट रहे थे। इस दौरान उन्हें जंगल किनारे रेत में एक जानवर के पैरों के निशान नजर आए, जो तेंदुए जैसे जीव के प्रतीत हो रहे हैं। ग्रामीणों ने फोटो और वीडियो बनाकर वन विभाग के अधिकारियों को भी दिया है। जीतामऊ के प्रधान कमलकांत का कहना है कि उनके गांव में रहने वाले हरनारायण व रामकिशोर अपने खेतों में लेटने रे लिए गए थे। रात को उन्हें तेंदुए की गर्दन दिखाई दी। इससे दोनो डक गए और रात को ही अपने खेत से घर लौट कर आ गए। गांव के ही माहताब का कहना है कि उन्होंने खेत से लौटते वक्त खुद तेंदुए जैसा एक जानवर देखा था। वन विभाग गंभीरता से लेकर जंगल में तेंदुए की तलाश कराना चाहिए। डीएफओ जय प्रकाश नारायन ने बताया कि रेत में मिले पैरों के निशान देखे गए हैं। वह तेंदुए के नहीं हैं। फिर भी ग्रामीण सतर्कता बरतें। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।




