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देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर से तेजी, इन कारणों से बढ़ रहे हैं मामले

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली : देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर से तेजी देखी जा रही है। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में मामलों में बढ़ोतरी देखी गई गई है। 69.15 फीसदी केस इन पांच राज्यों से हैं। जबकि 19.17 फीसदी नए मामले अकेले महाराष्ट्र में सामने आए हैं।
कोरोना संक्रमण दर बताने वाली स्वतंत्र संस्था कोविड-19 भारत डॉट ओआरजी के मुताबिक, गोवा (12.7 फीसदी), पश्चिम बंगाल (13 फीसदी), मिजोरम (16.4 फीसदी) और केरल (17.6 फीसदी) में संक्रमण दर दो अंकों के पार है। महाराष्ट्र इस सूची में पांचवें पायदान पर है, जहां संक्रमण दर 8.5 फीसदी है। वहां पहले संक्रमण दर दो अंकों में थी। जबकि कुछ राज्यों में संक्रमण दर दस फीसदी से कम है। लेकिन बीते सप्ताह से वहां संक्रमण दर में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। असम में इस समय अवधि में संक्रमण दर 5.7 फीसदी से बढ़कर 7.8 फीसदी हो गई, जबकि अरुणाचल प्रदेश में संक्रमण दर 2.7 फीसदी से बढ़कर 6.4 फीसदी पर आ गई।
पांच शीर्ष राज्यों में कोविड मामलों में औसत वृद्धि 144.2 फीसदी दर्ज की गई। जबकि यह पूरे देश में 13.8 फीसदी है। पिछले सप्ताह देश में यह वृद्धि 19.7 फीसदी थी। कई राज्य संक्रमण दर में भले ही शीर्ष पांच राज्यों में नहीं हैं, लेकिन वहां संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। यह विश्लेषण 16 राज्यों के आंकड़ों पर आधारित है जहां पिछले एक सप्ताह के दौरान कोविड के 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए। ओडिशा में रविवार को खत्म हुए सप्ताह में 1,279 मामले दर्ज किए गए, जो एक सप्ताह पहले के मुकाबले तीन गुना है। पश्चिम बंगाल में भी कोरोना के मामले तीन गुना बढ़कर 9,513 हो गए। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी कोविड मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, सार्स-कोव-2 की नई किस्म रूप बदलने के कारण तेजी से संक्रमित करेगी और इसमें इम्यूनिटी का प्रभाव भी कम दिखेगा। उदाहरण के तौर पर बीए.2.75 जो ओमिक्रोन बीए.2 का ही उपवंश है, परिवर्तित होकर जी446एस बना। इस पर अभी के वक्त उपलब्ध टीके भी बेअसर हैं। जिसके कारण टीके लगवा चुके लोगों पर भी खतरा बढ़ गया है। इसलिए वायरस की नई किस्म की जल्द से जल्द पहचान करना आवश्यक हो गया है।
कोरोना वायरस के सबसे अधिक संक्रमणशील स्ट्रेन ओमिक्रोन के बीए.2 के उपस्वरूप बीए.2.75 का अध्ययन करने पर पाया गया है कि भारत में इसका सीमित प्रसार है। स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने कहना है कि अब तक इस उपस्वरूप के चलते बीमारी की गंभीरता एवं प्रसार में वृद्धि नहीं पायी गयी है। सार्स-कोव-2 का फिलहाल चिंताजनक स्वरूप ओमिक्रोन वीओसी है। अब तक ऐसा देखा गया है कि वैश्विक स्तर पर बीए.2 ओमिक्रोन ने बीए.1 की जगह ले ली है। भारत में अध्ययन में पाया गया कि बीए.2.75 का सीमित प्रसार है तथा अब तक इस उप स्वरूप के चलते बीमारी की गंभीरता एवं प्रसार में वृद्धि नहीं पायी गयी है। चूंकि बीए.2 लगातार उभर रहा है , ऐसे में उसके उपस्वरूप भिन्न उत्परिवर्तनों के सेट के साथ अब विकसित हो रहे हैं। बीए.2.75 बीए.2 का समान उपस्वरूप है।

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