धूमधाम से मनाया गया हजरत इमाम हुसैन का जन्मदिन

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
खूबसूरत लाइटों से सजाए गए इमामबाड़े लोगों ने दी एक दूसरे को मुबारकबाद
इमाम हुसैन के जन्म दिन पर निकाला गया जुलूस सबीलो से बाटे गए लजीज पकवान
लखनऊ। हजरत अली के बेटे और नवासे रसूल हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आज जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। हिजरी वर्ष की 3 शाबान को सऊदी अरब के मदीना शहर में जन्मे हजरत इमाम हुसैन के जन्मदिन के अवसर पर शिया फिरके के लोगों के घरों में नजर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लजीज व्यंजन पकाए गए और एक दूसरे को लोगों ने हजरत इमाम हुसैन के जन्मदिन की मुबारकबाद पेश की। हजरत इमाम हुसैन के जन्मदिन के अवसर पर पुराने लखनऊ में स्थित रौजा ए काजमैन से दरगाह हजरत अब्बास तक एक जुलूस भी निकाला गया जिस में शामिल इमाम हुसैन के चाहने वालों ने लोगों को मिठाइयां बांटी और केक काटकर इमाम हुसैन के जन्मदिन की खुशियां मनाई । हजरत इमाम हुसैन को 57 साल की उम्र में कर्बला के मैदान में यजीदी फौज के द्वारा शहीद किया गया था उन्होंने मजहब ए इस्लाम के खातिर कर्बला के मैदान में अपने 72 साथियों के साथ शहादत दी थी। हजरत इमाम हुसैन तीसरे इमाम हैं और उनके दो भाई इमाम हसन और जनाबे मोहसिन हैं। हजरत इमाम हुसैन की वालिदा का नाम जनाबे फातिमा जहरा है। नवासे रसूल हजरत इमाम हुसैन के जन्मदिन के अवसर पर आज पुराने लखनऊ के कई इमामबाड़ो में महफिलों का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें शायरे अहले बैत और इमाम हुसैन के चाहने वाले इमाम हुसैन की शान में कसीदे पढ़ेंगे। हजरत इमाम हुसैन की यौमे पैदाइश के मौके पर पुराने लखनऊ में स्थित रौजा ए काजमैन से निकाले गए जुलूस में हाथी और ऊंट भी शामिल थे। जुलूस के रास्ते में जगह-जगह पर इमाम हुसैन के चाहने वालों ने सबीलो का आयोजन भी किया था जहां से लोगों को तरह-तरह के व्यंजन बांटे गए। हजरत इमाम हुसैन का जन्मदिन हर साल तीन शाबान को मनाया जाता है। 3 शाबान की तारीख को मुबारक तारीख माना जाता है क्योंकि इस तारीख को शेरे खुदा मुश्किल कुशा हजरत अली के बेटे इमाम हुसैन का जन्म हुआ था। इमाम हुसैन के जन्मदिन के अवसर पर पुराने लखनऊ के शिया बाहुल्य इलाकों में खुशियों का माहौल देखने लायक था। शिया बाहुल्य इलाकों के कई मोहल्लों को बहुत ही खूबसूरती के साथ सजाया गया था। बच्चों ने नए लिबास भी पहने थे और लोग एक दूसरे के घर जाकर इमाम हुसैन के जन्मदिन की मुबारकबाद भी पेश कर रहे थे।




