नदियों के बहाव को रोकना ही बाढ़ का मुख्य कारण

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
उरई/जालौन। परमार्थ समाजसेवी संस्थान की ओर से रामपुरा ब्लाक के बाढ़ प्रभावित इलाके के ग्रामीणों को एक माह की राशन सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि मैग्से से पुरस्कार से सम्मानित जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में नदियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। नदियों के बहाव को रोककर नदियों का दोहन किया हैं। इसका जीता जागता उदाहरण बाढ़ के रूप में भुगतना हुआ है। सरकार को पानी के संरक्षण के उपाय खोजने पढ़ेंगे तभी बाढ़ जैसे हालातों से निपटा जा सकेगा। रामदत्त दिवेदी डिग्री कालेज में आयोजित कार्यक्रम में जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ संजय सिंह ने बताया की बाढ़ से बचाव के लिए सरकार को चाहिए कि बांध में पानी ज्यादा होने पर पानी को सप्लीमेंट्री बांधों में भेजा जाए। बड़े बड़े तालाबों में पानी का संरक्षण किया जाना चाहिए। जलपुरुष ने बताया कि धरती का 72 प्रतिशत पानी का हिस्सा खाली हो चुका हैं। बचाव के लिए पानी का संग्रहण बहुत जरूरी हैं। नदियों की धारा से छेड़छाड़ न की जाए। जलपुरुष ने कहा कि 2026 तक देश के 90 शहर पानी से शून्य हो जाएंगे। जिसमें चेन्नई पहले ही हो चुका हैं। दूसरा नंबर शिमला व तीसरा बंगलूरू हैं। जबकि सरकार द्वारा अपने आंकड़ों में 25 शहरों की बात कही जा रही हैं। कार्यक्रम में अनिल सिंह, शैलेंद्र सिंह, अजीत सिंह, केपी सिंह, अनिल शर्मा, दीपक अग्निहोत्री, वरुण सिंह, शिवमंगल, संतोष, मयंक, निर्मल पाल, भीकम, पृथ्वीराज, शिवम, राजेश आदि रहे।




