जालौन

पहली बारिश में धंसा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, प्रधानमंत्री ने 16 जुलाई को किया था शुभारंभ

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

उरई/जालौन। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। पीएम मोदी के उद्घाटन करने के महज 5 दिन बाद पहली बारिश से एक्सप्रेस वे की सड़क कई जगह पर धंस गई, करीब 3 फीट गहरे गड्घ्ढे हो गये हैं और रात को इन्हीं गड्ढे से फंसकर कई गाड़ियां पलटते पलटते बचीं। कई राहगीर गिरकर चोटिल भी हो गए। 16 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालौन के कैथेरी गांव से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शुभारंभ किया था। जिसके बाद जनता के लिए यह एक्सप्रेस वे खोल दिया गया था।

सरकार के अफसरों ने एक्सप्रेस वे को पूरी गुणवत्ता के साथ रिकॉर्ड समय में पूरा करने का दंभ भरा था। बुधवार को बारिश के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का जायजा लिया गया तो जालौन के छिरिया सलेमपुर से निकलते ही एक्सप्रेस-वे के 195 किलोमीटर पर सड़क धंसी मिली। सड़क पर करीब 8 से फीट लंबा व 3 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। जिसकी जानकारी मिलने के बाद इस लेन को बंद कर दिया गया।

जेसीबी से खोदकर गड्ढे को बराबर किया जा रहा है। बुधवार रात करीब डेढ़ बजे इसी एक्सप्रेस वे से बांदा जा रहे जालौन के अनिल जादौन की कार भी हादसे का शिकार हुई तो वह रुक गए। गड्ढे के पास खड़े होकर लोगों को सचेत किया ताकि कोई और हादसे का शिकार न हो। अनिल ने बताया कि 7 कारें व बाइक सवार बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के गड्ढे का शिकार हुआ है।

अंधेरे में लोगों को गड्घ्ढे नजर नहीं आए और एक एक-कर हादसे होते रहे। चार लेन के एक्सप्रेस-वे पर जालौन से चित्रकूट की तरफ बढ़ने पर क्षिरिया सलेमपुर टोल प्लाजा से 11 किमी पहले धंसी दो लेन की सड़क पर फिलहाल यातायात रोक दिया गया है। अब एक सड़क से ही दोनों तरफ का ट्रैफिक निकाला जा रहा है। संकेतक रखकर वाहनों के आवागमन से रोका गया है।

गावर कंपनी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया है। पैकेज 4 प्लान के तहत इसे बनाया गया है। गुणवत्तापूर्ण काम के लिये जाने जाने वाली राजस्थान की गावर कंपनी के दावों की पोल बारिश ने खोलकर रख दी है। एक्सप्रेस-वे पर भी छुट्टा मवेशियों का भी झुंड भी घूमता देखा गया। इसके चलते हादसे के खतरे से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

चित्रकूट से इटावा तक बने 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे को 14800 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यूपीडा के एसीएस अवनीश अवस्थी ने इसकी गुधवत्ता को उच्च क्वालिटी का बताया था लेकिन इसकी क्वालिटी की पोल जालौन में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने खोल दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को संबोधित करते हुए कहा था 28 माह में इस एक्सप्रेस वे भी को बनाया गया है, जिसे उच्च क्वालिटी का बनाकर यूपी सरकार ने यह साबित कर दिया है कि कोई भी काम ईमानदारी से किया जाए तो वह गुणवत्ता परक जरूर होगा। लेकिन 5 दिन बाद एक्सप्रेस-वे धंस गया।

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