वाराणसी

बीएचयू का सिंह द्वार किया बंद

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का मुख्य द्वार को स्टूडेंट ने बंद करा दिया है। सेंट्रल आफिस के बाहर धरना दे रहें छात्र-छात्राओं को प्राक्टोरियल बोर्ड के टीम द्वारा हटा दिया गया। मौके पर पहुंची प्राक्टोरियल बोर्ड और छात्र-छात्राओं के बीच युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क जमकर धक्का-मुक्की हुई। करीब आधे घंटे तक हुई नोक-झोंक के बाद छात्रों को धरना स्थल से हटाया गया।

जमकर हुई धक्का-मुक्की में एक छात्रा को चोट आई है, जिसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया। छात्रों का आरोप है कि उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया है। गुस्साए छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिए। उसे बाद छात्रों ने सिंहद्वार को बंद कर सैकडों की संख्या में जमकर विरोध किया। मौके पर पुलिस प्रशासन और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम मौजूद हैं छात्रों ने बताया कि वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों के लिए कोई प्लेसमेंट सेल नहीं है। अभी तक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल की शिक्षा नहीं मिल सकी है।

न तो कार्यशाला होती है। नियमित कक्षाओं के संचालन में भी दिक्कत होती है। छात्रों को कहना था कि जब तक हमारी मांग नहीं पूरी होगी। समस्या का समाधान नहीं होगा। तब तक हम विरोध करते रहेंगे। धरना दे रहे छात्रों ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से पिछले 7 दिनों से सेंट्रल ऑफिस के बाहर धरना दे रहे थे। लेकिन आज प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम द्वारा हमें सेंट्रल ऑफिस के गेट से हटाने की बात कही गई। हम गेट छोडकर बगल में बैठ गए। लेकिन प्राक्टोरियल की टीम द्वारा हमें जबरदस्ती धरना स्थल से हटाया गया।

छात्रों ने आरोप लगाया कि इस धक्का-मुक्की में हमारे साथ धरना दे रही छात्राओं को चोट आई है। एक का हाथ टूट गया है। जिसे ट्रामा सेंटर ले जाया गया है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हमारी मांगों को दबाया जा रहा है। धरना दे रही छात्रा ने कहा कि हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से बैठे थे। लेकिन उसके बाद भी हमें प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम द्वारा जबरदस्ती हटाया गया।

इतना ही नहीं हमारे साथ धक्का-मुक्की भी की गई। जिसके बाद हम लोग सेंट्रल ऑफिस से आकर वीसी आवास के बाहर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। चीफ प्रॉक्टर अभिमन्यु सिंह ने कहा कि यह छात्र अपनी समस्याओं को लेकर पिछले 7 दिनों से यहां पर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।

सोमवार के दिन में छात्रों को लिखित आश्वासन देने के लिए डीन आए थे। लेकिन छात्र हटने को तैयार नहीं थे। छात्रों को समझाने बुझाने का कार्य कई बार किया गया कि वह सेंट्रल ऑफिस का गेट खाली कर दें। उन्होंने कहा इससे विश्वविद्यालय का कार्य प्रभावित हो रहा था। छात्रों को समझाने के बाद भी छात्र जब अपनी मांगों को लेकर बैठे थे, तो उन्हें आज सेंट्रल ऑफिस के मुख्य द्वार से हटाया गया है।

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