अखिलेश यादव ने राजा भैया को पहचानने से किया इनकार
सपा का राजा भैया से गठबंधन की अटकलों पर विराम

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई हैं। ऐसे में सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को पहचानने से इनकार कर दिया। जिसके बाद लोगों में हलचल मच गई। वहीं गठबंधन की अटकलों पर भी विराम लग गया। अखिलेश यादव प्रतापगढ़ में सपा जिला उपाध्यक्ष पप्पू यादव की बेटी की शादी में पहुंचे थे,जहां उन्होने बिना नाम लिए राजा भैया को पहचानने से ही इनकार कर दिया। जब पत्रकारों ने उनसे राजा भैया की पार्टी से गठबंधन को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि कौन हैं ये? अखिलेश यादव के इस बयान के बाद से प्रतापगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।अभी हाल ही में राजा भैया ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनकी पार्टी और सपा के बीच गठबंधन की अटकलें तेज हो गई थी। अखिलेश यादव ने अपने बयानों से गठबंधन के अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है।अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए बीजेपी सरकार पर भी जमकर हमला बोला। टीईटी परीक्षा निरस्त होने पर कहा कि ये कैसी सरकार है? पेपर लीक करती है। लीकेज सरकार है।इस सरकार में न जाने कितने पेपर लीक हुए। सब लीक पेपर की जाच एसआईटी कर रही है। लीक कराने वाले लोगों का संबंध बीजेपी वालों से है। यह सरकार किसी नौजवान कों नौकरी नहीं देना चाहती। अभी हाल ही में प्रयागराज में चार लोगों की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने योगी सरकार को दोषी बताया उन्होने कहा कि जो हत्याएं हुई हैं, वो इसलिए हुई कि दलित परिवार चार सालों से रास्ता मांग रहा था, लेकिन थाने, तहसील और डीएम किसी ने भी पीड़ित परिवार की नहीं सुनी। रास्ते के विवाद को लेकर चार लोगों की हत्या हो गयी।अगर इस मामले में कोई दोषी है तो वह बीजेपी सरकार है।




