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कश्मीर में खुला दुनिया का सबसे बड़ा Igloo Cafe, जानिए यहां की खासियत

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। यहां पर बर्फ से ढके पहाड़, खुला व शांत वातावरण जन्नत से कम नहीं कहा जा सकता है। इसलिए हर साल भारी मात्रा में पर्यटक कश्मीर की वादियों में घूमने जाते हैं। वहीं चिनार के पेड़ों और बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच, जम्मू और कश्मीर का गुलमर्ग भी सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इसके साथ ही आपको जानकर खुशी होगी कि पिछले साल की तरह इस बार फिर से यहां पर इग्लू कैफे खुल गया है। कैफे के मालिक ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा इग्लू कैफे होने का दावा किया है। चलिए जानते हैं इस कैफे के बारे में…

स्विट्जरलैंड से मिली प्रेरणा से बनाया इग्लू कैफे

इग्लू के निर्माता सैयद वसीम शाह ने इसे इग्लू कैफे को विश्व का सबसे बड़ा कैफे होने का दावा किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, इस कैफे को बनाने की प्रेरणा उन्हें स्विट्जरलैंड से मिली। दरअसल कैफे के मालिक ने स्विटजरलैंड में इस तरह के होटल देखे थे। बता दें, उन होटलों में खाने-पीने से लेकर सोने तक की व्यवस्था है। ऐसे में उससे प्रेरणा लेकर सैयद वसीम शाह ने भी सोचा कि गुलमर्ग में भी भारी मात्रा में बर्फ पड़ती हैं। ऐसे में यहां पर  इग्लू कैफे बनाया जा सकता है। बता दें, इस अनोखे व खूबसूरत कैफे को बनाने की शुरुआत उन्होंने पिछले साल की थी और उन्होंने इस कैफे को एशिया का सबसे बड़ा इग्लू कैफे होने का दावा भी किया था।

दुनिया का सबसे बड़ा व ऊंचा इग्लू कैफे

कैफे के मालिक का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा व ऊंचा कैफे है। शाह जी ने बताया है कि पिछले साल से इस कैफे की ऊंचाई बढ़ा दी गई है। इस कैफे की ऊंचाई 37.5 फीट और व्यास 44.5 फीट है। आगे शाह जी ने बताया कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक दुनिया का सबसे बड़ा इग्लू कैफे स्विटजरलैंड में स्थित है। उसकी ऊंचाई 33.8 फीट और व्यास 42.4 फीट है। मगर उनके द्वारा गुलमर्ग में बनाया इग्लू कैफे उससे भी बड़ा है। पिछल साल इस कैफे में 4 टेबल थीं और एक बार में 16 लोग खाना खा सकते थे। मगर इस साल टेबलों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी है।

कैफे की खासियत

इस कैफे को दो चरणों में एक सीढ़ी के साथ बनाया गया है। कैफे में 10 टेबल होने से अब यहां एक बार में 40 लोग एक साथ बैठकर खाना खा सकते हैं। इसके अंदर कुर्सी, टेबल आदि सामान भी बर्फ से तैयार किया गया है, जो इसकी खूबसूरती पर चारृ-चांद लगाने का काम करते हैं।  इसे 25 लोगों ने दिन-रात काम करके करीब 64 दिनों में तैयार किया। इस इग्लू कैफे की मोटाई 5 फीट है। इस कैफे के मालिक को उम्मीद है कि यह 15 मार्च तक यूं ही खड़ा रहेगा। फिर गर्मियां आने पर इस कैफे को आमजन के लिए बंद कर दिया जाएगा।

लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र

बर्फ से तैयार इग्लू कैफे स्थानीय लोगों और सैलानियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है। टूरिस्ट यहां के आसपास की खूबसूरती का दीदार करने के साथ  दुनिया के सबसे बड़े इग्लू कैफे में बैठकर अपनी थकान दूर करते हैं। इसके साथ ही फोटो क्लिक करवाने का मजा लेते हैं। ऐसे में आप इस शानदार कैफे को देखने व फोटो क्लिक करवाने का मजा जरूर लें।

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