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क्या प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट लीक होना नॉर्मल है? जानिए एक्सपर्ट की राय

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

प्रेगनेंसी के 9 महीनों के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं क्योंकि इस समय शरीर खुद को डिलीवरी की तैयार करता है। उन्हीं बदलावों में से एक है ब्रेस्ट का लीक होना। प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्ट से रिसाव को लेकर परेशान हो जाती हैं लेकिन यह एक सामान्य परिवर्तन है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं। आमतौर पर स्तन में दूध भर जाने की वजह से वो लीक करने लगता है। डिलीवरी के बाद पहले या दूसरे दिन औरतों के स्तन में दूध नहीं बल्कि पीले रंग का तरल बाहर आता हैं। यह कोलोस्ट्रम मां का पहला दूध होता है, जो बच्चे के लिए के लिए कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। प्रेगनेंसी के 14वें हफ्ते में यह दूध स्तन में ही बनने लगता है।

क्या प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट लीक होना नॉर्मल है?

कई महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्क होने पर शर्मिंदगी महसूस करती हैं लेकिन यह नॉर्मल है। ब्रेस्ट लीकेज होने पर कोलोस्ट्रम का निकलना इस बात का संकेत है कि आपके शरीर ने शिशु के लिए दूध बनाना शुरू कर दिया है। कोलोस्ट्रम प्रोटीन में हाई वसा और चीनी कम होती है। साथ ही यह एंटीबॉडी से भी भरपूर होता है जो शिशु की इम्यूनिटी बढ़ाता है। इसे शिशु आसानी से पचा लेते हैं, जिससे उन्हें पेट की दिक्कतें भी नहीं होती।

जब ब्रेस्ट लीक होने लगे…

हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है इसलिए जरूरी नहीं कि हर किसी को एक ही समय पर ब्रेस्ट लीकेज की समस्या हो। प्रेगनेंसी के 3 महीने में शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन बढ़ जाता है, जो ब्रेस्टमिल्क बनाने लगता है। आमतौर पर प्रेगनेंसी के दूसरे तिमाही या 12वें से 14वें में स्तन रिसाव हो सकता है जबकि कुछ महिलाओं में 26वें से 30वें सप्ताह में ऐसा होता है।

क्या ब्रेस्ट लीक होना लेबर पेन का संकेत?

सामान्य तौर पर आखिरी महीने में ब्रेस्ट लीकेज खुद हो जाता है इसलिए कई बार महिलाएं इसे लेबर का संकेत मान लेती हैं, जोकि गलत है। प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्ट लीकेज होने लेबर का संकेत नहीं होता।

ब्रेस्ट लीकेज होने पर क्या करें?

. डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट लीकेज होने पर शिशु को स्तनपान करवाते रहें, वरना ब्रेस्ट में दूध जम जाएगा।

. ब्रेस्ट पैड का या मैटरनिटी ब्रा का इस्तेमाल करती रहें। इससे आपको ब्रेस्ट में दर्द नहीं होती और स्तनपान करवाने में भी आसानी होगी।

. अगर यह आपको परेशान करता है तो आप दूध को अवशोषित करने के लिए ब्रा या स्तन पैड (मातृत्व स्तन पैड या नर्सिंग पैड कहा जाता है) का यूज करें।

. स्तनों से रिसने वाले दूध में खून है तो अपनी डॉक्टर से बात करें।

कुछ महिलाएं में स्तनपान बंद करवाने के 2 साल बाद भी दूध का उत्पादन जारी रहता हैं इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं। हालांकि ज्यादा परेशान हो तो डॉक्टर से बात कर लें।

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