कला-साहित्य

गजानना

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

गजानना गजानना
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।

मोदक, लड्डू, बूंदी, मेवा
आओ खिलाऐं तुझे मना
तू हर दे पूरे विश्व के विघ्न
पुकारे तुझको हर एक जना।।

गजानना गजानना
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।

सर्वप्रथम तुझे ही पूजे भक्त
यही आशिष दिये पिता महा
शिव पार्वती का प्यारा तू कहत
समस्त ब्रम्हांड मात पिता मे ही समा।।

गजानना गजानना
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।

प्रिय अपने वाहन मुशक संग भी
नटखट अटखेली कर बांधे समां
ढ़ोलक बजा अपने पिता का गणु
नाचे तू कभी कदम उठा कभी जमा।।

गजानना गजानना
तू ही मेरा गजानना
भक्ति मे तेरी डूबा ये जहां।।

वीना आडवानी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र

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