कला-साहित्य
जग के हितकारी माधव

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
निहायत निंद्रा त्याग,
देख आया तेरा काग ।
राधारमण केशव,
मिथ्या के नाशकारी।
छेड़ मुरली की राग,
प्रेम भरी अनुराग ।
ब्रजवल्लभ माधव,
जग के हितकारी।
उत्तम मार्ग दिखला,
निश्छलता को बतला ।
नन्दनन्दन मुरारी,
राधा के सुखकारी।
ज्ञान का प्रकाश दिखा,
दया करुणा को सिखा ।
वासुदेव घनश्याम,
सत्य के धर्माचारी।
✍️ज्योति कुमारी
रामगढ़ , झारखण्ड




