मऊ

बाढ़ से बचाव हेतु की जा रही तैयारियों की प्रगति का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

जिलाधिकारी ने सभी परियोजना कार्यो को समय से पूर्ण करने के दिये निर्देश

मऊ जनपद में बाढ़ से पूर्व की जा रही तैयारियों के संबंध में आज जिलाधिकारी अरुण कुमार ने जनपद में बहने वाली घाघरा नदी के दाहिने तट पर स्थित विभिन्न परियोजना कार्यों का निरीक्षण किया। सर्वप्रथम घाघरा नदी के दाहिने तट पर स्थित महुला गढ़वल बांध के अंतिम छोर से 350 मीटर दोहरीघाट के तरफ कटाव निरोधक कार्य का निरीक्षण जिलाधिकारी द्वारा किया गया। इस परियोजना हेतु कुल 11 करोड़ 79 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह परियोजना 6 स्तर तक निर्मित की जाएगी। जिसका प्रारंभिक तल 4 मीटर चौड़ा होगा जो क्रमशः ऊंचाई बढ़ने पर कम होता जाएगा। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य सितंबर,2022 तक निर्धारित है। अभी प्रारंभिक तल का निर्माण कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी द्वारा पूछने पर कि कब तक सुरक्षित लेवल तक परियोजना का कार्य पूर्ण होगा, अधिशासी अभियंता सिंचाई ने बताया जुलाई तक इस कार्य को सुरक्षित लेवल यानी लेवल 4 तक पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित तहसीलदार एवं थानाध्यक्ष को बाँध पर हो रहे कटाव निरोधक कार्य में सहयोग देने के निर्देश दिए। नदी के कटान को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल एवं ग्राम सभा के प्रधान से भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि संबंधित ठेकेदार से पत्थरों का उठान कहां से होती है इसके बारे में जानकारी लेने के साथ ही पत्थरों की गुणवत्ता के भी जांच करे।
दोहरीघाट मुक्तिधाम के किनारे लगभग 600 मीटर दूरी के स्टोन बोल्डर, टीथ कटर एवं आर0सी0सी0 परक्यूपान कटर के निर्माण का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने इस कार्य की प्रगति का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना 8 करोड़ 33 लाख की है। परियोजना कार्य को जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को मई के अंत तक अवश्य पूरा कर लेने के निर्देश दिए।
बीबीपुर बेलौली बांध पर 5 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी के सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। यह परियोजना 01 करोड़ 45 लाख की है, जिसका निरीक्षण आज जिलाधिकारी द्वारा किया गया। मौके पर काम बंद होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और इस संबंध में स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली कि कार्य कब से बंद है। बाँध के दूसरी तरफ आवासीय बस्ती होने के कारण इस बाँध की सुदृढ़ीकरण की सख्त आवश्यकता है। बाँध टूटने पर जान माल का ज्यादा खतरा हो सकता है। अतः जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि इसका कार्य यथाशीघ्र पूरा कर ले, गुणवत्ता में कोई कमी न रहे, इसकी जांच अवश्य कर ले। उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिए कि सम्बंधित ठेकेदार को बुलाकर काम का आकलन करें। यह भी जांच करें कि जो भी कार्य किए गए हैं वो मानक के अनुरूप हैं या नहीं, इसकी रिपोर्ट से यथाशीघ्र अवगत कराएं। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि सारे कार्य जुलाई तक अवश्य पूर्ण कर लें जिससे बाढ़ की स्थिति से लोगों के जानमाल के नुकसान होने की संभावना न रहे। कार्यों की गुणवत्ता की भी निरंतर जांच करते रहें, अगर कही से लापरवाही मिलती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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