मुरादाबाद : बारिश में गेहूं भीगने की खबर से उड़ी अफसरों की नींद

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
मुरादाबाद। डिलारी में बरसात में भीगकर एक हजार क्विंटल से अधिक गेहूं के अंकुरित होने की खबर ने सरकारी खरीद से जुड़े अफसरों की नींद उड़ा दी है। सम्भागीय खाद्य नियंत्रक मनोज कुमार ने मामले को गंभीरता से लेकर पूरे मामले में जांच बैठा दी है। उन्होंने डिप्टी आरएमओ को पीसीएफ के जिला प्रबंधक विनय कुशवाहा के साथ दो दिन में जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। दोनों ही अधिकारियों को संयुक्त रूप से जांच करके यह पता करना है कि गेहूं किसकी लापरवाही से भीगा है।
बेमौसम बरसात ने जिले में गेहूं खरीद के इंतजामों की पोल खोल दी है। साधन सहकारी समिति डिलारी में किसानों का खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा हुआ था। बरसात में एक हजार क्विंटल गेहूं भीगकर अंकुरित हो गया। कुंदरकी के गेहूं क्रय केंद्र पर भी सरकारी खरीद का गेहूं भीगा है। ठाकुरद्वारा मंडी समिति में बाहर रखा गेहूं भीग गया। गेहूं भीगने की खबर दैनिक जागरण में प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो अफसरोें में हलचल मच गई। पीसीएफ के जिला प्रबंधक विनय कुशवाहा आनन-फानन में डिलारी पहुंचे। उन्होंने बताया कि बरसात से गेहूं के कुछ बोरे गीले हुए थे। उन बोरों का गेहूं नए बोरों में रखवा दिया गया है। गेहूं को गोदामों में भिजवाने का काम किया जा रहा है। ठाकुरद्वारा में गेहूं की भीगी बोरियां बरामदे में रखवा दी गई हैं। उधर, आरएफसी मनोज कुमार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेकर मामले की जांच डिप्टी आरएमओ संजीव राय और पीसीएफ के जिला प्रबंधक को सौंपी है। दो दिन में दोनों को जांच करके रिपोर्ट आरएफसी को सौंपनी है। जांच के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
डिलारी में खुले में रखी गेहूं की बोरियों पर पन्नी ढकी थी। बंदरों ने पन्नी फाड़ दी। दूसरा अभी बरसात के लिए तैयारी भी नहीं थी। बेमौसम बरसात से गेहूं की कुछ बोरियांं गीली हो गई थीं। कुछ खास नुकसान नहीं हुआ है। धूप में गेहूं को सुखाकर गोदामों में भिजवा दिया गया है। बारिश की संभावना देखते हुए का इंतजाम किया जा रहा है।




