चण्डीगढ़

सिद्धू मूसेवाला को शहीद मत कहो, उसने मिड्डूखेड़ा मामले में समझौते के लिए की थी 2 करोड़ रुपये की पेशकश: गोल्डी बराड़

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

चंडीगढ़ : कनाडा में रह रहे सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर दावा किया कि विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड के बाद गायक ने उन्हें 2 करोड़ रुपये के समझौते की पेशकश की थी जो उसने ठुकरा दी। वीडियो को कम रोशनी में शूट किया गया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, जिसमें गोल्डी ने चेहरा ढका हुआ था। गोल्डी ने कहा कि मूसेवाला का सिख शहीद (शहीद) के रूप में प्रचार किये जाने के कारण उसे वीडियो शूट करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बराड़ ने वीडियो में कहा-श्वह शहीद नहीं था। अपने गीतों के माध्यम से अपने लिए बनाई ‘मर्दाना’ छवि को बरकरार रखने की कोशिश में उसने बार-बार गलतियाँ कीं, जिसके लिये उसको सजा मिली। बराड़ ने कहा-‘हमने इंसाफ पाने के लिये भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा जताय और इंतजार किया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कानून आम लोगों के लिए है, बड़े सितारों, नेताओं और उनके दोस्तों के लिए नहीं। ये बड़े लोग अपराध करते हैं और बचकर निकल जाते हैं, लेकिन हम जैसे आम लोगों को तुरंत दंडित किया जाता है। नये वीडियो में गोल्डी ने मूसेवाला को ‘शहीद’ कहने वालों से सवाल किया।

उसने कहा-“उन्हें सिख धर्म का शहीद कहने वाले 95 प्रतिशत लोग पहले उनसे नफरत करते थे और उनकी आलोचना करते थे। अब क्या हो गया है? वह सिख पंथ का नायक या पंजाब का योद्धा नहीं है। वह इसके लायक नहीं है। आप इस तरह की तुलना करके असली शहीदों का अपमान कर रहे हैं।’ गोल्डी ने कहा, हमारे पास उसे मारने और हथियार उठाकर बदला लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। भगवान जाने हम सही थे या गलत। हम भगवान के सामने नमन करते हैं।

हम ईश्वर के न्याय को स्वीकार करेंगे मगर इस दुनिया के न्याय को नहीं। वह जानता है कि हमने जो किया वह हमने क्यों किया। हम बुरे लोग हैं..तो चलो बुरे ही सही। हम अच्छा बनना भी नहीं चाहते। लोग अच्छे लोगों के घर तबाह कर देते हैं। उन्होंने मेरे भाई को मार डाला, जिसका गैंगस्टरों से कोई लेना-देना नहीं था। लेकिन पुलिस उसके हत्यारों को पकड़ने में नाकाम रही। गोल्डी बराड़ ने वीडियो में कहा-‘मूसेवाला के माता-पिता और उनके अंतिम संस्कार के भावनात्मक वीडियो से लोग प्रभावित हुए हैं लेकिन मूसेवाला ने कई घरों को यह में ऐसा दुख जताया।

यह कभी सार्वजनिक नहीं हुआ क्योंकि केवल रसूखदार लोगों की पीड़ा देखी जाती है और पब्लिसिटी की जाती है, न कि हम जैसे आम आदमी की। हमने अपने घर में ऐसे अंतिम संस्कार देखे और उन सभी में सिद्धू मूसेवाला का नाम आया। क्या आप यह देख कर बर्दाश्त कर सकते हैं कि आपके भाई का हत्यारा वीआईपी सुरक्षा में खुलेआम घूम रहा है? आप हमारी जगह होते तो क्या करते?

इतना ही नहीं, वह लगातार अपने गानों के जरिए हमें भड़काता था। वह मिड्डूखेड़ा हत्याकांड के बाद बिचौलियों के जरिए रहम की भीख मांग रहा था। उसने मुक्तसर के कुछ युवाओं के माध्यम से हमें जान बख्शने के लिये 2 करोड़ रुपये देने की पेशकश की, लेकिन हमने इसे ठुकरा दिया। गोल्डी बराड़ ने कहा कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके मूसेवाला कई मुद्दों पर पंजाब की मदद कर सकते थे। उसने कहा कि सच्चे सिख अपने उद्देश्य के लिए जेल में सारा जीवन बिता सकते हैं, लेकिन वे नहीं जो अवसरवादी राजनेता बन जाते हैं। उसने कहा-‘पहले चरित्र को देखो। उसने एसवाईएल पर गाना गाया। यह एक अच्छा गीत था, लेकिन क्या आपने सोचा है कि वह उस पार्टी (कांग्रेस) में क्यों शामिल हुए, जिसने एसवाईएल परियोजना (पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के बीच सतलुज-यमुना लिंक नहर) की शुरुआत की थी।

क्या उन्होंने इस मुद्दे को पार्टी के सामने उठाया? क्या उसने पंजाब के पानी की चोरी को किसी के सामने उठाया था? जब दीप सिद्धू का अंतिम संस्कार हो रहा था तो मूसेवाला एक अखाड़े में एक मंच पर गा रहा था और डांस कर रहा था। तुम लोगों की याददाश्त कितनी कम है। आप चीजों को आसानी से भूल जाते हैं। मूसेवाला पर निशाना साधते हुए गोल्डी बराड़ ने कहा कि मूसेवाला ने अमेरिकी रैपर तुपैक शकूर की प्रशंसा की और उनकी शैली का अनुकरण किया लेकिन तुपा ने कभी पुलिस सुरक्षा की मांग नहीं की और न ही राजनेताओं के साथ घूमा।

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