अपहरणकर्ता को सात साल की जेल, कोर्ट ने लगाया 12 हजार का जुर्माना

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
उरई/जालौन। जालौन के कालपी में 6 साल पहले एक किशोरी को अगवा कर लिया गया था। इस मामले में न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने अगवा करने वाले को साक्ष्यों के आधार पर दोषी मानते हुए 7 साल की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने 12 हजार का जुर्माना लगाया है।
मामले की पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत गुर्जर ने बताया कि कालपी कोतवाली के एक मुहल्ले की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी को 13 मई 2017 को ललितपुर जनपद के जखौरा निवासी मनोज रजक ने अगवा कर लिया था। किशोरी के अचानक गायब होने पर परिजनों ने तो पहले उसे खोजने का प्रयास किया, मगर कहीं भी पता न चलने पर इसकी शिकायत कालपी कोतवाली पुलिस से की थी।
पुलिस ने 15 मई को अपहरण और पाक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन की और पता चलने पर मनोज रजक के पास से किशोरी को बरामद कर लिया था। मुकदमा के दो माह बाद ही पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। न्यायालय पाक्सो एक्ट कोर्ट में छह साल तक चली सुनवाई में गवाहों और साक्ष्य के आधार पर पीठासीन अधिकारी मुहम्मद आजाद ने मनोज रजक को दोषी माना जिसे 7 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।




