जालौन

सड़क हादसे में गई युवक की जान, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर किया हंगामा

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क

उरई/जालौन। जालौन में देर रात को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जहां एक बाइक अनियंत्रित होकर खंती में जा पलटी, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत नाजुक होने पर चिकित्सक द्वारा उसे मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया, जहां मेडिकल में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। युवक की मौत पर परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज में हंगामा खड़ा हो गया। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने मामले को शांत कराने का प्रयास किया पर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों द्वारा पुलिस से ही अभद्रता की गई।

हंगामा देख सीनियर डॉक्टरों को मौके पर पहुंचना पड़ा तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस से की गई अभद्रता के बारे में पुलिस टीम ने पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी। घटना डकोर थाना क्षेत्र के मुहम्मदाबाद की है। इस गांव के रहने वाले हरिओम उर्फ हैप्पी तिवारी (28) पुत्र भगवत तिवारी गुरुवार रात को डकोर कस्बे से अपने गांव वापस आ रहा था। जब वह नहर के पास पहुंचा तभी उसकी बाइक अनियंत्रित होकर खंती में जा गिरी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना को वहां से निकल रही पुलिस टीम ने देखा, तत्काल उसे घायलावस्था में लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सक द्वारा प्रथम उपचार करने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही हंगामा किया। इस हंगामे के बाद मामला बढ़ गया जहां जूनियर डॉक्टरों ने परिजनों के साथ अभद्रता की। इस हंगामे की सूचना पर उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार राठौर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को शांत कराया, पर जूनियर डॉक्टर पुलिस से ही अभद्रता करने लगे, जिसकी सूचना उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक को दी।

हंगामा बढ़ते देख मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों को आना पड़ा, जिन्होंने जूनियर डॉक्टरों को अलग किया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। इस बारे में उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बताया हरिओम उर्फ हैपी तिवारी की सड़क हादसे में मौत हुई। मृतक के परिजन भोलू तिवारी, विजय तिवारी, सौरभ आदि लोगों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के दौरान हैप्पी तिवारी की मृत्यु हुई, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि युवक को मृत लाया गया था। मृतक के परिजनों द्वारा डॉक्टरों पर इलाज न करने के आरोप प्रत्यारोप लगाये, जिससे काफी बवाल हो गया। पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर बवाल को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन परिजन मृतक के शव को मोर्चरी में रखने को तैयार नहीं हुए और हंगामा करने लगे, जिससे डॉक्टरों और मृतक के परिजनों के बीच तनातनी काफी बढ़ गई, जिसके बाद सारे डॉक्टर इमरजेंसी में इकट्ठा हो गए। उनके द्वारा मृतक के परिजनों पर ही आरोप लगाया गया और पुलिस की एक नहीं सुनी।

डॉक्टरों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृतक के परिजनों को काफी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और काफी गाली गलौच दी गई। इस दौरान डॉक्टरों को काफी समझाने का प्रयास किया गया, परंतु डॉक्टर बवाल शांत करने को तैयार नहीं थे। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट को को बताया गया। वरिष्ठ डॉ. रविंद्र राजपूत, डॉ चरक सांगवान के आने पर डॉक्टर शांत हुये, तब कहीं जाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

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