घाघर सरयू संगम ना होने तक बाबा ने लिया मौन व्रत

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क
परसपुर /गोंडा । पसका, सूकरखेत के वाराह धाम, दक्षिणी तट पर एक हफ्ते से अन्न त्याग कर बैठे मूर्तिहन बाबा (मौनी बाबा) जो शाम को सूर्य डूबने के बाद बोलते हैं। और सुबह सूर्योदय के बाद मौन धारण कर लेते हैं। अपने आश्रम में हाथ से लिखे पत्र में बताया है। कि जब तक पसका सूकरखेत में सरयू-घाघरा नदियों का संगम नहीं होगा। तब तक वें भोजन (अन्न) नहीं खाएंगे। मूर्तिहन बाबा (मौनी बाबा) सरयू-घाघरा संगम स्थल पर बांध बन जाने से काफी दुखी व नाराज हैं। जिससे व्यथित होकर उन्होंने पत्र में लिखा है। प्रिय वृन्द भाइयों, बहनों, साथियों, माता-पिता, गुरुजनों व कल्पवास में आये हुये समस्त संत-महन्थों जब तक पसका में संगम बहाल नहीं होगा तब तक वें अन्न का त्याग करते हैं। बाबा के लिखित पत्र के मुताबिक उन्होंने 30 जनवरी 2021 से भोजन करना बंद कर दिया है।
अब यह मुद्दा कल्पवासी नागा, साधु-संतों में आक्रोश का कारण बन रहा है। तमाम कल्पवासी साधु-संत मूर्तिहन बाबा के पक्ष में उतर आये हैं। जो कभी भी आंदोलन का कारण बन सकता है। एक हफ्ता बीतने के बावजूद कोई स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी मौके पर झांकने तक नहीं पहुंचा है।




